नई दिल्ली, अंग भारत। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और अन्य संगठनों का विरोध प्रदर्शन आज राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर होना तय था।परन्तु दिल्ली पुलिस ने किसी भी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है।सुरक्षा के तगड़े इंतजाम के बावजूद लोग जंतर-मंतर पर पहुंचने लगे हैं। सीजेपी व अन्य की प्रदर्शन कारियों ने कई प्रमुख मांगें रखी हैं – जिसमे ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा.उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को रोकना, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल कर स्वतंत्र जांच कराना,साथ ही 2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून को रद करना शामिल है|दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार रात साफ किया कि सीजेपी समर्थकों को दिल्ली में कहीं भी प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई है। सीजेपी समर्थकों को आइजीआई एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों या पड़ोसी राज्यों की सीमाओं से निजी वाहनों के जरिए दिल्ली में प्रवेश करते ही हिरासत में लिया जाएगा। इसके बाद उन्हें 35 डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा। संयुक्त आयुक्त (नई दिल्ली रेंज) नुपूर प्रसाद ने बताया कि सीजेपी के सौरभ दास ने 07 अक्टूबर को 10 अक्टूबर के प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। नियम के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए लगभग 10 दिन पहले आवेदन देना अनिवार्य होता है। आवेदन समय पर नहीं दिया गया।इस बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समूची दिल्ली खासतौर पर नई दिल्ली जिला में धारा 163 लागू कर दी गई है। जंतर-मंतर की ओर आने वाली सभी सड़कों पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। बीएसएफ, सीआरपीएफ सहित दिल्ली पुलिस के 35 हजार से अधिक जवानों के साथ-साथ वज्र वाहनऔर वाटर कैनन तैनात किए गए हैं।सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके को जंतर-मंतर पहुंचने से पहले एयरपोर्ट् से ही गिरफ्तार क्र लिया गया है| आशुतोष रांका,सौरव दास सहित सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है|प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में नाकाबंदी की है। दिल्ली -हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर खास चौकसी रखी जा रही है। उधर, सीजेपी के प्रदर्शन से पहले विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन में शामिल नेताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। इसमें 16 पार्टियों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा का तगड़ा चक्रव्यूह तैयार किया गया है। करीब पांच किलोमीटर के दायरे में किलाबंदी की गई है। बताया गया है कि केंद्र ने 221 कंपनियां मुहैया कराई हैं। इनकी तैनाती 12 अक्टूबर तक सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए की गई है। इस समय गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, गाजियाबाद और नोएडा से दिल्ली में प्रवेश की सभी सीमाओं पर पुलिस तैनात है। स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी की गई है। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया है।केंद्रीय गृह सचिव ने पुलिस महानिदेशकों को जारी पत्र में कहा कि राज्य और केंद्रशासित प्रदेश की खुफिया एजेंसियों, सीमा पारगमन प्राधिकरणों और दिल्ली पुलिस के बीच निरंतर और वास्तविक समय में खुफिया जानकारी साझा करें। गृह सचिव ने 2018 में पारित उच्चतम न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा, क्षेत्र में सभाओं को नियंत्रित करने वाले स्थापित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन अनिवार्य है।







