सुपौल,अंग भारत। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर के सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के बैंक खातों में सितंबर 2026 की पेंशन राशि का अंतरण किया। इस दौरान राज्य के 1,08,36,005 लाभार्थियों के खातों में 1,100 रुपये प्रति लाभार्थी की दर से कुल 1,237 करोड़ 47 लाख 55 हजार 200 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई।इस क्रम में जिले के 2,69,920 लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 31 करोड़ 1 लाख 64 हजार 800 रुपये अंतरित किए गए। पेंशन राशि का भुगतान होने से जिले के वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को राहत मिली है।
इस अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा पेंशन राशि के अंतरण का सीधा प्रसारण दिखाया गया। इसमें विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के 100 से अधिक लाभार्थियों ने भाग लिया। मौके पर जिलाधिकारी सावन कुमार, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक अनुराग कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के लाभार्थी सबसे अधिक जिले में योजनावार पेंशन राशि के अंतर्गत मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के 1,75,603 लाभार्थियों के खातों में 20 करोड़ 55 लाख 5 हजार 700 रुपये अंतरित किए गए। वहीं, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 51,643 लाभार्थियों को 5 करोड़ 68 लाख 80 हजार 400 रुपये की राशि मिली।इसी प्रकार लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 12,021 लाभार्थियों के खातों में 1 करोड़ 36 लाख 44 हजार 500 रुपये, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 14,287 लाभार्थियों के खातों में 1 करोड़ 59 लाख 15 हजार 900 रुपये तथा बिहार निःशक्तता पेंशन योजना के 15,541 लाभार्थियों के खातों में 1 करोड़ 73 लाख 10 हजार 800 रुपये अंतरित किए गए।इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना के 825 लाभार्थियों के खातों में 9 लाख 7 हजार 500 रुपये भेजे गए।कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों ने समय पर पेंशन राशि बैंक खातों में अंतरित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का उद्देश्य वृद्धजनों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवनयापन में सहयोग करना है। डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में राशि भेजे जाने से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने में मदद मिलती है।







