नई दिल्ली,अंग भारत। दिवाली का त्योहार नजदीक आने से पहले ही दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की आबोहवा सांस लेने लायक नहीं रही है। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले दो दिनों से जहरीले धुंध का घना पहरा है। सुबह और शाम के समय लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार बृहस्पतिवार, 06 नवंबर को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 382 दर्ज किया गया था, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। शुक्रवार, 07 नवंबर की सुबह हालात और बिगड़ गए, जब दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 400 के आंकड़े को पार कर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का तीसरा चरण लागू कर दिया है।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रियल टाइम डेटा के अनुसार, शुक्रवार सुबह राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक ऊंचाई पर पहुंच गया। आईआईटी दिल्ली का इलाका सबसे अधिक प्रदूषित रहा, जहां एक्यूआई 442 दर्ज किया गया। इसके अलावा पंजाबी बाग, मुंडका, रोहिणी और आरके पुरम जैसे इलाकों में हवा सांसों के लिए बेहद घातक बन चुकी है।
विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज किए गए वायु गुणवत्ता आंकड़े इस प्रकार हैं:
| क्षेत्र / स्थान | दर्ज एक्यूआई (AQI) | प्रदूषण श्रेणी |
|---|---|---|
| आईआईटी दिल्ली | 442 | गंभीर (Severe) |
| पंजाबी बाग | 433 | गंभीर (Severe) |
| मुंडका | 421 | गंभीर (Severe) |
| रोहिणी | 418 | गंभीर (Severe) |
| आरके पुरम | 417 | गंभीर (Severe) |
| सोनिया विहार | 414 | गंभीर (Severe) |
| नजफगढ़ | 413 | गंभीर (Severe) |
| नोएडा सेक्टर-62 | 415 | गंभीर (Severe) |
| नोएडा सेक्टर-116 | 287 | खराब (Poor) |
| नोएडा सेक्टर-125 | 281 | खराब (Poor) |
| ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 | 230 | खराब (Poor) |
आनंद विहार, द्वारका, बवाना और जहांगीरपुरी में भी एक्यूआई 390 से ऊपर बना हुआ है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम और वसुंधरा में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी गहरी धुंध के कारण दृश्यता में भारी कमी आई है।
सरकारी मानकों के अनुसार 0 से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बेहद खराब और 401 से 500 के बीच को गंभीर माना जाता है। 400 से अधिक एक्यूआई स्वस्थ व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालता है और पहले से बीमार लोगों के लिए जोखिम बढ़ाता है।
ग्रैप-3 की प्रमुख पाबंदियां
वायु गुणवत्ता में गिरावट के बाद सीएक्यूएम ने आपात बैठक बुलाई और पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 लागू करने का आदेश जारी किया। आयोग के अनुसार हवा की धीमी गति, कम तापमान और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं के कारण प्रदूषक कण जमीन के करीब जमा हो गए हैं।
ग्रैप-3 लागू होने के बाद निम्नलिखित गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध रहेंगे:
- निर्माण एवं विध्वंस पर रोक: सभी निजी और सरकारी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें खुदाई, मिट्टी की भराई, पाइलिंग, टाइलिंग और स्ट्रक्चरल काम शामिल हैं।
- सामग्री खुले में रखने पर मनाही: सीमेंट, रेत और मलबा खुले में रखने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
- सड़क निर्माण व मरम्मत बंद: सड़कों की खुदाई, नाली निर्माण और सीवर लाइन बिछाने की गतिविधियों पर रोक रहेगी।
- प्लांट्स पर ताला: रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट और हॉट मिक्स प्लांट का संचालन रोक दिया गया है।
- खनन गतिविधियां: स्टोन क्रशर और खनन से जुड़ी प्रक्रियाएं बंद रहेंगी।
- वाहन चालकों के लिए नियम: दिल्ली-एनसीआर में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाले चार पहिया वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लागू है। आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को इससे छूट दी गई है।
- जनरेटर सेट पर रोक: केवल आपातकालीन सेवाओं (अस्पताल, लिफ्ट, रेलवे) को छोड़कर डीजल जनरेटर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
इसके अतिरिक्त आयोग ने निजी कंपनियों, कॉरपोरेट दफ्तरों और सरकारी संस्थानों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मॉडल लागू करने की सलाह दी है। स्कूलों को भी बाहरी खेलकूद गतिविधियां बंद करने और छात्रों को मास्क पहनने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य सुरक्षा के जरूरी उपाय
मौसम विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) पुणे के सफर (SAFAR) पूर्वानुमान प्रणाली के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक हवा की गति धीमी रहने की संभावना है। हवा धीमी होने के कारण वायुमंडल में मौजूद सूक्ष्म कण (PM 2.5 और PM 10) निचले स्तर पर टिके रहेंगे। त्योहार के दौरान आतिशबाजी होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।
“खराब वायु गुणवत्ता के दौरान सुबह और शाम के समय जब धुंध अधिक होती है, तब आउटडोर गतिविधियों से बचना चाहिए। फेफड़ों की सुरक्षा के लिए मास्क का सही इस्तेमाल बेहद मददगार साबित होता है।”
चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को बचाव के लिए निम्नलिखित सलाह दी है:
- जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाले N-95 या N-99 मास्क का उपयोग करें।
- बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित मरीजों को घर के भीतर रखने का प्रयास करें।
- सुबह और देर शाम के समय सैर या आउटडोर एक्सरसाइज करने से बचें।
- शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी और गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें।







