पटना, 06 नवंबर (हि.स.)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व को देखते हुए शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य की विधि-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य नागरिक तैयारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पर्व-त्योहारों के दौरान सुरक्षा और सफाई के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में दूसरे राज्यों और विदेशों से बड़ी तादाद में लोग अपने घर वापस आते हैं। ऐसे में शासन की यह जिम्मेदारी है कि उन्हें अपने प्रदेश में कदम रखते ही सुरक्षा, सुविधा और बेहतर माहौल का अनुभव मिले। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी खबरों के प्रसार को रोकने के लिए चार घंटे की समय-सीमा तय करते हुए तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
सुरक्षा और गश्त व्यवस्था
त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी जिलों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश जारी किए हैं। भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों के आसपास 24 घंटे लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था लागू की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति या अप्रिय घटना से निपटने के लिए हर जिले में क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) गठित कर उन्हें पूरी तरह से सतर्क रखा जाएगा।
पुलिस प्रशासन को पूरी मुस्तैदी बरतने की हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निम्नलिखित प्राथमिकताओं को पूरा करने का निर्देश दिया है:
- सतत गश्त: प्रमुख रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में चौबीसों घंटे पुलिस की गश्त सुनिश्चित करना।
- क्विक रिस्पांस टीम (QRT): जिला स्तर पर गठित क्यूआरटी को किसी भी सूचना पर तुरंत घटनास्थल पर पहुँचने के लिए तैयार रखना।
- यातायात नियंत्रण: त्योहारों के दौरान शहरों में लगने वाले जाम से निपटने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान बनाना।
छठ घाटों की तैयारी
लोक आस्था का पर्व छठ बिहार की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छठ घाटों की साफ-सफाई और सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित जिलों के जिलाधिकारी (DM) खुद छठ घाटों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई और तैयारियों की नियमित निगरानी करेंगे।
छठ महापर्व हमारे राज्य का गौरव है। घाटों पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, पीने के पानी का इंतजाम और स्वच्छता प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। इसमें स्थानीय स्वयंसेवकों का सहयोग भी लिया जाना चाहिए।
ग्रामीण इलाकों के छठ घाटों पर किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए स्थानीय गोताखोरों और तैराकों की तैनाती अनिवार्य की गई है। इसके अलावा, बिजली विभाग को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि घाटों या पहुँच मार्गों पर कहीं भी नंगे तार नहीं होने चाहिए। विद्युत सुरक्षा के मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा ताकि किसी तरह का हादसा न हो।
भ्रामक खबरों पर कार्रवाई
पर्व-त्योहारों के संवेदनशील समय में अफवाहों और फर्जी खबरों के जरिए माहौल खराब करने की कोशिशों पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निर्देश दिया कि सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफार्मों पर नजर रखने के लिए विशेष क्विक रिस्पांस टीम काम करेगी।
यदि कोई खबर भ्रामक या झूठी पाई जाती है, तो प्रशासन को अधिकतम चार घंटे के भीतर उसका आधिकारिक खंडन जारी करना होगा। सही खबर मिलने पर भी चार घंटे के अंदर उचित प्रशासनिक कार्रवाई करके जनता को सही तथ्य बताने होंगे। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अफवाहों के कारण फैलने वाले तनाव या भ्रम को तुरंत समाप्त करना है।
औद्योगिक विकास और समीक्षा
त्योहारों के बाद राज्य के विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए भी रणनीति बनाई गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि 16 नवंबर के बाद से वे राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करेंगे। इसके बाद 25 नवंबर से मुख्यमंत्री स्वयं बिहार के अलग-अलग जिलों का दौरा करेंगे और जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे।
राज्य में औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए जिला स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को हर महीने अपने जिले के स्थानीय उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ अनिवार्य बैठकें करनी होंगी। इन बैठकों का उद्देश्य उद्योगपतियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और नए निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।
| कार्य व योजना | जिम्मेदार अधिकारी / टीम | निर्धारित निर्देश व समय-सीमा |
|---|---|---|
| सुरक्षा एवं पुलिस गश्त | पुलिस अधीक्षक (SP) व QRT | 24 घंटे निरंतर गश्त, क्विक रिस्पांस टीम तैनात |
| छठ घाटों की सफाई व सुरक्षा | जिलाधिकारी (DM) | नियमित निगरानी, विद्युत सुरक्षा व स्थानीय तैराकों की व्यवस्था |
| भ्रामक खबरों का खंडन | सूचना व पुलिस टीम (QRT) | अधिकतम 4 घंटे के भीतर आधिकारिक प्रतिक्रिया |
| उद्योगपतियों के साथ बैठक | DM और SP | प्रत्येक माह अनिवार्य बैठक, निवेश समस्याओं का समाधान |
| जिला भ्रमण कार्यक्रम | मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी | 25 नवंबर के बाद से जिलों का दौरा शुरू |
त्योहारों के इस मौसम में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ विकास योजनाओं को गति देने की यह पहल प्रशासनिक तंत्र को अधिक जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से की गई है। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों के बाद राज्यभर का प्रशासनिक अमला मुस्तैदी से अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है।







