डिब्रूगढ़ (असम),अंग भारत। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार सुबह असम के डिब्रूगढ़ स्थित मनोहारी चाय बागान का दौरा किया, जहां उन्होंने खुद चाय की पत्तियां तोड़कर राज्य के चाय उद्योग के महत्व को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री का यह दौरा न सिर्फ प्रतीकात्मक रहा, बल्कि इससे चाय बागान श्रमिकों के प्रति सम्मान और जुड़ाव का संदेश भी गया।
चाय बागान में दिखा प्रधानमंत्री का सादगी भरा अंदाज
मनोहारी चाय बागान पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक तरीके से चाय की पत्तियां तोड़ीं। इस दौरान उनके साथ मौजूद श्रमिकों, खासकर महिला कामगारों में खासा उत्साह देखा गया। प्रधानमंत्री ने उनके साथ समय बिताया और चाय उद्योग में उनके योगदान की सराहना की।यह दौरा ऐसे समय पर हुआ है जब असम में चुनावी माहौल गर्म है, और प्रधानमंत्री का यह कदम स्थानीय लोगों के साथ सीधा जुड़ाव स्थापित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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श्रमिकों से संवाद, हालात और सुविधाओं की ली जानकारी
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने चाय बागान में काम करने वाले श्रमिकों से बातचीत की। उन्होंने उनके बच्चों की शिक्षा, मजदूरी और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली।प्रधानमंत्री ने खासतौर पर यह भी पूछा कि क्या श्रमिकों के पास आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध हैं या नहीं। इस बातचीत के जरिए उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि सरकारी योजनाएं जमीनी स्तर तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंच रही हैं।
सरकार की प्रतिबद्धता का दिया संदेश
प्रधानमंत्री का यह संवाद चाय बागान श्रमिकों के कल्याण और उनके सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने श्रमिकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि असम की पहचान में चाय उद्योग की बड़ी भूमिका है और इसमें काम करने वाले लोगों का योगदान अतुलनीय है।स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री का इस तरह सीधे चाय बागान में पहुंचना और श्रमिकों के साथ समय बिताना उनके लिए गर्व का विषय है।
चुनावी दौरे के तहत असम पहुंचे प्रधानमंत्री
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार रात डिब्रूगढ़ पहुंचे थे। वह रात करीब 8:40 बजे मोहनबाड़ी हवाई अड्डे पर उतरे, जहां से वे एक बड़े काफिले के साथ मनोहारी रिजॉर्ट के लिए रवाना हुए। उन्होंने वहीं रात्रि विश्राम किया।प्रधानमंत्री का यह दौरा चुनावी प्रचार अभियान का हिस्सा है। वे असम के धेमाजी और लखीमपुर जिलों में पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभाएं भी करेंगे।
चाय उद्योग और राजनीति का जुड़ाव
असम का चाय उद्योग देश-विदेश में अपनी पहचान रखता है और यहां के लाखों लोगों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। ऐसे में प्रधानमंत्री का चाय बागान दौरा न केवल आर्थिक बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।इस दौरे के जरिए एक ओर जहां उन्होंने चाय उद्योग के महत्व को उजागर किया, वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के साथ संवाद कर जमीनी मुद्दों को समझने की कोशिश भी की। आने वाले दिनों में उनके चुनावी कार्यक्रमों पर भी सबकी नजर रहेगी।









