गुवाहाटी,अंग भारत। असम की राजधानी गुवाहाटी के बामुनीमैदाम इलाके में स्थित अनुराधा रेलवे कॉलोनी में देर रात हुए भीषण सिलेंडर विस्फोट ने करीब 60 परिवारों का आशियाना राख में बदल दिया है। रात के सन्नाटे में अचानक हुए एक के बाद एक कई धमाकों ने पूरे इलाके को थर्रा कर रख दिया, जिसके बाद फैली आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक घटना में दर्जनों लोग बेघर हो गए हैं और कई घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है।
अचानक मची चीख-पुकार
घटना उस वक्त हुई जब अधिकतर लोग गहरी नींद में थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके की गूंज इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक के लोग जाग गए। शुरुआत में किसी को समझ नहीं आया कि आखिर हो क्या रहा है, लेकिन जैसे ही आग की लपटें आसमान छूने लगीं, जान बचाने के लिए अफरा-तफरी मच गई।
- सैकड़ों लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे।
- रात के अंधेरे में चारों तरफ चीख-पुकार और धुएं का गुबार था।
- आसपास के निवासियों ने मदद की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता के सामने सब बेबस थे।
सिलेंडर धमाकों का तांडव
प्रारंभिक जांच और चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने के पीछे का सबसे बड़ा कारण गैस सिलेंडरों का फटना रहा। एक सिलेंडर में लगी आग ने चेन रिएक्शन की तरह काम किया। कुल सात गैस सिलेंडरों के एक के बाद एक फटने से आग ने भयावह रूप ले लिया। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के घरों को भी तुरंत अपनी जद में ले लिया। आग बुझाने का काम बेहद कठिन हो गया था क्योंकि बार-बार हो रहे विस्फोट दमकल कर्मियों के लिए भी खतरा बने हुए थे।
बेघर हुए कई परिवार
इस दुखद हादसे का सबसे बुरा असर उन गरीब परिवारों पर पड़ा है, जिनकी पूरी जमा-पूंजी और जरूरी कागजात जलकर स्वाहा हो गए। लगभग 50 से 60 घर पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं।
| नुकसान का विवरण | स्थिति |
|---|---|
| पूर्ण रूप से नष्ट हुए घर | 50-60 |
| प्रभावित परिवार | 60 से अधिक |
| घायल | कई लोग |
दमकल और राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां बिना देरी किए मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियां होने के कारण दमकलकर्मियों को आग बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक सब कुछ खाक हो चुका था। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया।
प्रशासन की आगे की कार्यवाही
फिलहाल प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन ने मदद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, उनके लिए अस्थायी आश्रय और भोजन की व्यवस्था पर काम चल रहा है। हादसे के सही कारणों की जांच जारी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने पूरे इलाके को एक गहरे सदमे में डाल दिया है और लोग अब भी अपने खोए हुए सामानों और भविष्य को लेकर चिंतित हैं।








