बिहार,अंग भारत| बिहार में शराबबंदी के बीच पुलिस और एसटीएफ ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मुजफ्फरपुर के कुख्यात शराब माफिया राजा साह उर्फ राजा गुप्ता को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया है। राजा साह पर कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी शराब तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम
एसटीएफ को मुखबिरों के जरिए पुख्ता जानकारी मिली थी कि राजा साह मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के आसपास डेरा डाले हुए है। यह सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने 7 और 8 अप्रैल की दरम्यानी रात जाल बिछाया। जैसे ही राजा साह वहां पहुंचा, एसटीएफ ने उसे बिना मौका दिए दबोच लिया। आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के हथौड़ी थाना अंतर्गत बेरई गांव का रहने वाला है और उसके पिता का नाम राम बिनोद साह है।
दर्ज हैं 16 केस
राजा साह का रिकॉर्ड कोई छोटा-मोटा नहीं है। उस पर मुजफ्फरपुर के कई थानों में गंभीर धाराओं के तहत कुल 16 मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ अपराधों की फेहरिस्त में केवल शराबबंदी कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि आर्म्स एक्ट जैसे संगीन जुर्म भी शामिल हैं। हथौड़ी थाने में दर्ज कांड संख्या 219/25 के तहत बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(ए) में भी वह वांछित अपराधी था।
बरामदगी और सबूत
पुलिस ने जब राजा साह को पकड़ा, तो उसके पास से कई संदिग्ध वस्तुएं बरामद हुईं, जो उसके बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं। पुलिस ने निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
- नकद राशि: 10,695 रुपये
- दो मोबाइल फोन
- तीन अतिरिक्त सिम कार्ड (जो जांच के दायरे में हैं)
- दो क्रेडिट कार्ड
- एक कलाई घड़ी
- दो चांदी की अंगूठियां
विशेष रूप से सिम कार्ड और मोबाइल फोन पुलिस के लिए बेहद अहम हैं। इनका डेटा खंगालकर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके संपर्क में कौन-कौन से बड़े तस्कर और मददगार जुड़े हुए थे।
पुलिस की अगली रणनीति
गिरफ्तारी के बाद राजा साह को संबंधित थाने के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस अब इस मामले को एक कड़ी से दूसरी कड़ी जोड़ते हुए पूरे रैकेट का भंडाफोड़ करने में जुटी है। स्थानीय पुलिस का मानना है कि राजा साह सिर्फ एक मोहरा नहीं है, बल्कि उसके पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है। उसकी मोबाइल कॉल डिटेल्स और डिजिटल फुटप्रिंट्स से इस गिरोह के अन्य चेहरों के बेनकाब होने की पूरी संभावना है।
शराबबंदी और पुलिस कार्रवाई
राज्य में शराबबंदी को लागू करना एक बड़ी चुनौती रही है। लेकिन इस तरह की गिरफ्तारियां दिखाती हैं कि प्रशासन कितना गंभीर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे अब केवल छोटे तस्करों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि मुख्य सरगनाओं को निशाना बनाएंगे। ऐसे अपराधियों को कानून के कटघरे में खड़ा करना सरकार और पुलिस दोनों की प्राथमिकता है।
आम लोगों को संदेश
इस गिरफ्तारी ने उन अपराधियों को साफ संदेश दे दिया है जो यह समझते हैं कि वे कानून से बचकर लंबे समय तक कारोबार कर सकते हैं। मुजफ्फरपुर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से अन्य तस्करों में भी खलबली मची है। आम जनता के लिए भी यह एक सकारात्मक संकेत है कि अपराध करने वाला चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून का हाथ उस तक पहुंच ही जाता है। पुलिस ने आगे भी ऐसे सघन अभियान चलाने का ऐलान किया है, ताकि अवैध शराब के व्यापार को पूरी तरह से जड़ से खत्म किया जा सके।








