राजगीर,अंग भारत। विदेश मंत्रालय की जन-केंद्रित पहल “पासपोर्ट सेवा-आपके द्वार पर पासपोर्ट” के तहत बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में एक दिवसीय पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय से जुड़े छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को उनके परिसर में ही पासपोर्ट से संबंधित सभी सेवाएं उपलब्ध कराना था।
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परिसर में ही मिली पासपोर्ट सुविधा
इस विशेष शिविर का आयोजन क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना द्वारा किया गया। मोबाइल वैन के माध्यम से आवेदकों को एक ही स्थान पर पासपोर्ट आवेदन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं की सुविधा प्रदान की गई। इसमें दस्तावेज सत्यापन, बायोमेट्रिक डेटा संग्रहण और आवेदन जमा करने जैसी पूरी प्रक्रिया शामिल रही।इस पहल के चलते आवेदकों को पासपोर्ट कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ी और उनका समय भी बचा। खासकर छात्रों और शिक्षकों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हुई, क्योंकि उनके व्यस्त शैक्षणिक कार्यक्रम के बीच यह सेवा सीधे उनके पास पहुंची।
55 लाभार्थियों ने उठाया फायदा
शिविर में कुल 55 लोगों ने पासपोर्ट सेवाओं का लाभ उठाया। इनमें बड़ी संख्या उन छात्रों की रही, जो उच्च शिक्षा, शोध कार्य या अन्य अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए विदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस पहल ने उनकी प्रक्रिया को आसान और तेज बना दिया।
गणमान्य व्यक्तियों ने किया उद्घाटन
इस शिविर का उद्घाटन भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी सिबी जॉर्ज, जो विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) हैं, तथा विश्वविद्यालय के कुलपति सचिन चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से किया।उन्होंने इस अवसर पर कहा कि इस तरह की पहलें न केवल सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाती हैं, बल्कि युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
छात्रों में दिखा खास उत्साह
शिविर के दौरान छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई छात्रों ने बताया कि इस तरह की सुविधा से उन्हें पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में आने वाली जटिलताओं से राहत मिली है। साथ ही यह पहल उनके समय और संसाधनों की बचत भी करती है।
जनसेवा को आसान बनाने की पहल
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह शिविर विदेश मंत्रालय और नालंदा विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सरकार जनसेवाओं को लोगों तक पहुंचाने और उन्हें सरल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। साथ ही, यह कार्यक्रम युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









