नई दिल्ली,अंग भारत। भारतीय जनता पार्टी ने संसद में संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई और उनकी आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाई है।
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महिला आरक्षण और परिसीमन पर विवाद
भाजपा नेताओं का कहना है कि महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए परिसीमन जरूरी है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान 543 लोकसभा सीटों के भीतर 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने से दक्षिणी राज्यों की सीटों पर असर पड़ सकता है।इस मुद्दे पर पार्टी ने इंडियन नेशनल कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में वरिष्ठ नेता रवि शंकर प्रसाद और स्मृति ईरानी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं को किसी भी रूप में “वस्तु” बताना अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं सम्मान और अधिकार की हकदार हैं, न कि राजनीतिक बयानबाजी का माध्यम।
संवैधानिक प्रावधानों का दिया हवाला
प्रसाद ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 81(2) के अनुसार लोकसभा सीटों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर होता है और बिना परिसीमन के सीटों का पुनर्गठन संभव नहीं है।उन्होंने यह भी बताया कि अमित शाह ने संकेत दिया है कि भविष्य में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 850 की जा सकती है, जिससे महिला आरक्षण को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।
विपक्ष पर ‘भ्रम फैलाने’ का आरोप
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस 543 सीटों के भीतर ही आरक्षण लागू करने की बात कर रही है, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन पैदा हो सकता है। पार्टी ने द्रमुक सहित कुछ दलों पर महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों में बाधा डालने का आरोप भी लगाया।
स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर हमला
स्मृति ईरानी ने कहा कि यह केवल सत्ता का नहीं, बल्कि महिलाओं के समान अधिकार का सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने संसद में महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई और उनकी मांगों का उपहास किया।उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस शासनकाल में करोड़ों महिलाएं बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहीं और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए।
सरकार के प्रयासों का जिक्र
ईरानी ने दावा किया कि भाजपा-नीत सरकार ने जेंडर बजट फ्रेमवर्क लागू कर महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।कुल मिलाकर महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे आने वाले समय में यह मुद्दा और भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन सकता है।









