नई दिल्ली, अंग भारत। देश में एलपीजी आपूर्ति को लेकर बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि घरेलू रसोई गैस की देश में कोई कमी नहीं है और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई भी अब तेजी से पटरी पर लौट रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग 70 प्रतिशत तक बहाल हो चुकी है। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ रहा है, जहां कारोबारियों को गैस की उपलब्धता में भारी सुधार के चलते बड़ी राहत मिल रही है।
गैस सप्लाई में सुधार
हाल के दिनों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस की कमी की खबरें सामने आ रही थीं, लेकिन मंत्रालय के ताजा आंकड़ों ने इन चिंताओं को काफी हद तक दूर कर दिया है। सुजाता शर्मा के अनुसार, आपूर्ति व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए उठाए गए कदमों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है।
बिक्री के उत्साहजनक आंकड़े
- अप्रैल महीने में 2.15 लाख टन से अधिक कमर्शियल एलपीजी की बिक्री दर्ज की गई।
- ऑटो एलपीजी की खपत बढ़कर करीब 11,100 टन के आंकड़े तक पहुंच गई है।
- 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडरों की मांग में निरंतरता देखी गई है, जिनकी बिक्री 23 लाख यूनिट के पार रही।
सुरक्षित इस्तेमाल के उपाय
गैस वितरण के अलावा सरकार का ध्यान इसके सुरक्षित उपयोग पर भी है। 3 अप्रैल से अब तक देश भर में 10,000 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों के सही रखरखाव, लीकेज से बचाव और वितरण प्रणाली की पारदर्शिता के बारे में शिक्षित करना है। यह अभियान न केवल दुर्घटनाओं को रोकने में मददगार साबित हो रहे हैं, बल्कि उपभोक्ताओं का विश्वास भी बढ़ा रहे हैं।
विदेशों में भारतीय नागरिक
एलपीजी के साथ-साथ सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पूरी सतर्कता बरत रही है। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर सरकार की पैनी नजर है। उनका मुख्य फोकस वहां काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा और उनके कल्याण को सुनिश्चित करना है।
कंट्रोल रूम की भूमिका
मुश्किल वक्त में सहायता के लिए विदेश मंत्रालय ने एक विशेष कंट्रोल रूम सक्रिय किया है। असीम आर. महाजन ने बताया कि यह कंट्रोल रूम 24/7 काम कर रहा है और भारतीय परिवारों की शिकायतों का तुरंत समाधान कर रहा है। हवाई यात्राओं को लेकर भी अच्छी खबर है; सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान से उड़ानें नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, जिससे नागरिकों की वापसी आसान हो गई है।
नाविकों की वर्तमान स्थिति
समुद्र के रास्ते काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने एक बड़ा अपडेट साझा किया है। उन्होंने पुष्टि की कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
| विवरण | आंकड़े/स्थिति |
|---|---|
| डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम कॉल | 8,414 से अधिक |
| ई-मेल सहायता | 18,064 से अधिक |
| स्वदेश वापसी में मदद | 2,976 नाविक |
बंदरगाहों का संचालन
ओपेश कुमार शर्मा ने यह भी बताया कि देश के सभी प्रमुख बंदरगाह सामान्य रूप से अपना काम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद माल ढुलाई या आवाजाही में कहीं भी कोई बाधा या अत्यधिक भीड़भाड़ नहीं देखी गई है। सरकार के इन ठोस प्रयासों से यह साफ है कि घरेलू और विदेशी दोनों मोर्चों पर स्थिति नियंत्रण में है और सामान्य होती जा रही है।







