पटना,अंग भारत| मौसम विभाग की चेतावनी के बाद गुरुवार की शाम पटना के लिए किसी बुरे सपने जैसी साबित हुई। करीब 4 बजे अचानक उठी तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने राजधानी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। शहर के प्रमुख प्रशासनिक इलाकों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक, तबाही के निशान साफ देखे जा सकते हैं। इस प्राकृतिक आपदा के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने से सड़कें जाम हो गईं। सामान्य जनजीवन पर इसका असर इतना गहरा है कि प्रशासन को युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू करना पड़ा है।
वीआईपी इलाकों में तबाही
आंधी की मार सबसे ज्यादा उन इलाकों में पड़ी जो पटना के पावर सेंटर माने जाते हैं। पटना हाईकोर्ट, सचिवालय, देशरत्न मार्ग और विधान परिषद मार्ग पर दर्जनों पुराने पेड़ धराशायी हो गए। वीआईपी रोड के रूप में पहचाने जाने वाले इन रास्तों पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था।
- सचिवालय परिसर में एक खड़ी कार पर विशाल पेड़ गिर गया, जिससे गाड़ी पूरी तरह पिचक गई।
- पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर पेड़ गिरने से रास्ता बंद रहा।
- मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले अणे मार्ग के मुख्य द्वार पर भी पेड़ गिरने से सुरक्षा घेरा प्रभावित हुआ।
- राजद कार्यालय परिसर में लगा आम का पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गया।
मेला और चिड़ियाघर पर असर
इस्कॉन मंदिर के सामने लगा डिज्नीलैंड मेला इस आंधी का सबसे बड़ा शिकार बना। वहां लगीं कई दुकानें हवा के झोंकों में उड़ गईं और टेंट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पास ही एक मकान पर पेड़ गिरने की खबर ने लोगों में दहशत फैला दी। सुरक्षित रहने के लिए पटना चिड़ियाघर को आगामी शनिवार तक के लिए एहतियातन बंद कर दिया गया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
यातायात और जाम की स्थिति
पेड़ गिरने और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने के कारण मुख्य सड़कों पर घंटों तक अफरा-तफरी मची रही। जाम की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रमुख मार्गों पर गाड़ियों की लंबी कतारें रेंग रही थीं।
| प्रभावित मार्ग | जाम की स्थिति |
|---|---|
| जगदेव पथ | गंभीर |
| नेहरू पथ फ्लाईओवर | अत्यधिक भीड़ |
| पटना जू रोड | रेंगती गाड़ियां |
प्रशासनिक और राहत कार्य
हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। डीएम ने वन विभाग, नगर निगम और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। गर्दनीबाग में पेड़ के नीचे दबे एक व्यक्ति को निकालने के लिए एनडीआरएफ को मौके पर भेजा गया, जो एक चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन था।
आसमान में छाई काली घटाओं और तेज हवाओं के चलते हवाई यातायात पर भी बुरा असर पड़ा। कोलकाता से पटना आने वाली एक फ्लाइट को खराब मौसम के कारण लखनऊ डायवर्ट कर दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने उन सभी इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है जहाँ बिजली के तार लटके हुए हैं या पेड़ झुक गए हैं।
हेल्पलाइन और जरूरी निर्देश
नगर निगम की टीमें रातों-रात सड़कों को साफ करने में जुटी हुई हैं ताकि शुक्रवार सुबह तक आवाजाही सामान्य हो सके। निगम ने आपात स्थिति के लिए लोगों को निर्देश जारी किए हैं:
अगर आपके पास के इलाके में पेड़ गिरा हो, कहीं जलजमाव हो या बिजली की तारें टूटी हुई दिखें, तो घबराएं नहीं। तुरंत नगर निगम के टोल फ्री नंबर 155304 या मोबाइल नंबर 9264291339 पर कॉल करें। आपकी एक सूचना किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।
इस पूरी घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहरी ढांचा किस तरह अचानक आए मौसम के बदलाव से कमजोर पड़ जाता है। प्रशासन अभी भी गिरे हुए पेड़ों को हटाने का काम कर रहा है और लोगों से सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।