गुवाहाटी,अंग भारत। असम की राजनीति के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में डॉ. हिमंत बिस्व सरमा दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। गुवाहाटी के खानापाड़ा स्थित वेटरिनरी कॉलेज ग्राउंड में सुबह 11 बजे होने वाला यह भव्य शपथ ग्रहण समारोह न केवल एक सरकार का गठन है, बल्कि पूर्वोत्तर भारत में भाजपा की बढ़ती राजनीतिक धमक का स्पष्ट संकेत भी है। डॉ. सरमा के साथ उनके मंत्रिमंडल के चार प्रमुख सहयोगी भी मंत्री पद की शपथ लेंगे, जो राज्य में विकास की नई इबारत लिखने के लिए तैयार हैं।
शपथ लेंगे प्रमुख नेता
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि उनके साथ कौन से चेहरे कैबिनेट का हिस्सा होंगे। यह टीम न केवल भाजपा, बल्कि उसके सहयोगियों का भी प्रतिनिधित्व करती है। जिन प्रमुख नेताओं के नाम सामने आए हैं, उनमें शामिल हैं:
- रामेश्वर तेली: अनुभवी भाजपा नेता और केंद्रीय राजनीति से जुड़ा नाम।
- अतुल बोरा: असम गण परिषद (अगप) के मजबूत स्तंभ।
- चरण बोडो: बीपीएफ (BPF) से प्रतिनिधित्व करने वाले नेता।
- अजंता नेओग: भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शुमार।
इन चेहरों का चयन क्षेत्रीय संतुलन और गठबंधन धर्म को निभाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पीएम और दिग्गजों का जमावड़ा
इस कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के अलावा देश भर के राजनीतिक दिग्गज जुट रहे हैं। भाजपा शासित 22 राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय कैबिनेट के कई मंत्री भी गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी तादाद में शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार असम को विकास की मुख्यधारा का केंद्र बिंदु मानती है।
रंजीत दास की नई भूमिका
सरकार के गठन के साथ ही संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव की तैयारी है। डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने यह साफ कर दिया है कि रंजीत दास को विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बनाया जाएगा। रंजीत दास का अनुभव राज्य की विधायी प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से चलाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। उनके अनुभव पर पार्टी ने भरोसा जताते हुए यह संदेश दिया है कि नई सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर पूरी तरह अडिग है।
गुवाहाटी में हाई अलर्ट
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री जैसे अति विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन के कारण गुवाहाटी को किले में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही हैं।
| सुरक्षा पहलू | व्यवस्था का ब्यौरा |
|---|---|
| तैनाती | खानापाड़ा और मुख्य मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल |
| यातायात | वीआईपी मूवमेंट के चलते कई रास्तों में डायवर्जन |
| सौंदर्यीकरण | हवाई अड्डे से कार्यक्रम स्थल तक विशेष साफ-सफाई |
प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि आम जनता को कम से कम असुविधा हो, फिर भी सुरक्षा के कड़े मानकों का पालन किया जा रहा है।
भव्य पंडाल और भीड़
वेटरिनरी कॉलेज ग्राउंड को एक विशाल सभा स्थल में बदल दिया गया है। यहाँ भाजपा के बूथ अध्यक्षों, पंचायत प्रतिनिधियों और एनडीए कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति अपेक्षित है। कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश है। असम के विभिन्न जिलों से लोग इस पल के साक्षी बनने के लिए गुवाहाटी पहुंच चुके हैं।
राज्य का भविष्य
यह समारोह केवल शपथ ग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह असम के भविष्य की दिशा भी तय करेगा। डॉ. सरमा के नेतृत्व में राज्य में शांति बहाली, उग्रवाद का खात्मा और ढांचागत विकास को जो रफ्तार मिली थी, उसे अब अगले पांच वर्षों में और अधिक गति देने की चुनौती है। लोग इस नई सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि यह राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। राजनीतिक स्थिरता, जो पिछले वर्षों में देखने को मिली, वही इस बार के जनादेश का असली सार है।


