पटना,अंग भारत। बिहार की नई खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने सोमवार को विकास भवन, नया सचिवालय स्थित खेल विभाग का औपचारिक कार्यभार संभालते ही विभागीय गतिविधियों की गहन समीक्षा शुरू कर दी। कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लिया और राज्य में खेल विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। मंत्री ने खासतौर पर खेल नीति को प्रभावी बनाने, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने और जिला स्तर पर मजबूत खेल ढांचा तैयार करने पर जोर दिया।
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एकलव्य खेल केंद्रों की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान श्रेयसी सिंह ने राज्य में संचालित एकलव्य खेल केंद्रों की स्थिति और वहां उपलब्ध सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से खिलाड़ियों को मिलने वाली ट्रेनिंग, संसाधनों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मंत्री ने कहा कि बिहार की खेल नीति ही राज्य में खेल संस्कृति को आगे बढ़ाने का मुख्य आधार है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन से आने वाले समय में राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि खेल प्रतिभाओं की पहचान शुरुआती स्तर से ही की जानी चाहिए। इसके लिए गांव और जिला स्तर पर मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करना बेहद जरूरी है।
हर जिले में विकसित होंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
खेल मंत्री ने बैठक में कहा कि बिहार के प्रत्येक जिले में “डिस्ट्रिक्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित की जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे खिलाड़ियों को अपने ही जिले में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर भी प्राप्त होंगे।श्रेयसी सिंह ने कहा कि यदि बिहार को देश का प्रमुख स्पोर्ट्स हब बनाना है तो जिला स्तर पर मजबूत खेल ढांचा तैयार करना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों से खेल मैदान, ट्रेनिंग सेंटर और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से काम करने को कहा।
पीपीपी मॉडल से खेल विकास को मिलेगी रफ्तार
बैठक के दौरान मंत्री ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल को खेल विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार और निजी संस्थानों के सहयोग से खेल क्षेत्र में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। इसके लिए एक विस्तृत गाइडलाइन तैयार करने का सुझाव भी दिया गया, ताकि इस मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की और कार्यभार संभालने से पहले लंबित पड़े मामलों की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि खिलाड़ियों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
खेल संस्कृति को बढ़ावा देने पर रहेगा फोकस
श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार में खेल संस्कृति को मजबूत बनाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि सही नीति, मजबूत ढांचे और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था के जरिए बिहार खेल के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने मंत्री को विभागीय योजनाओं और भविष्य की कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।












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