काठमांडू,अंग भारत। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका से जुड़े संघर्ष का असर अब नेपाल की विकास परियोजनाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाले तेल परिवहन मार्गों में बाधा के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे नेपाल में निर्माण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।अधिकारियों के अनुसार सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले बिटुमिन की भारी कमी और कीमतों में तेज वृद्धि के कारण देश की कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजनाओं का काम या तो धीमा हो गया है या पूरी तरह रोक दिया गया है। डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने भी निर्माण लागत को कई गुना बढ़ा दिया है।
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नारायणघाट-बुटवल परियोजना पर बड़ा असर
नारायणघाट–बुटवल सड़क विस्तार परियोजना के पूर्वी खंड के सूचना अधिकारी इंजीनियर शिव खनाल ने बताया कि ईंधन और बिटुमिन की कमी का सीधा असर अंतिम चरण के कार्यों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि सड़क की टॉप लेयर यानी ब्लैकटॉप बिछाने का काम पूरी तरह ठप हो गया है।यह परियोजना एशियाई विकास बैंक (ADB) की सहायता से और दक्षिण एशियाई उप-क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग (SASEC) ढांचे के तहत चल रही है। इसका उद्देश्य पूर्व–पश्चिम राजमार्ग के लगभग 115 किलोमीटर हिस्से को चार लेन वाले आधुनिक मार्ग में बदलना है।65 किलोमीटर लंबे नारायणघाट–दाउन्ने खंड में लगभग 98 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अंतिम परत का काम अभी बाकी है। हालांकि सड़क पर वाहनों की आवाजाही जारी है, लेकिन ड्रेनेज, फेंसिंग और सुरक्षा ढांचे का काम अभी अधूरा है।
नागढुंगा–मुग्लिन सड़क विस्तार भी प्रभावित
इसी तरह नागढुंगा–मुग्लिन सड़क विस्तार परियोजना में भी कार्य की गति धीमी पड़ गई है। पश्चिमी खंड के सूचना अधिकारी इंजीनियर सचेंद्र मिश्र ने बताया कि 38 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में अब तक केवल 42 प्रतिशत काम पूरा हो पाया है, जिसमें 13 किलोमीटर सड़क का ब्लैकटॉप शामिल है।उन्होंने बताया कि बिटुमिन की आपूर्ति में कमी और कीमतों में भारी वृद्धि के कारण ठेकेदारों ने काम की गति घटा दी है। इसके चलते पूरी परियोजना की समयसीमा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
निर्माण लागत में भारी उछाल
निर्माण व्यवसायी महासंघ के अध्यक्ष निकोलस पाण्डेय ने कहा कि डीजल और बिटुमिन की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उनके अनुसार डीजल 139 रुपये से बढ़कर 225 रुपये प्रति लीटर और बिटुमिन 75 रुपये से बढ़कर 155 रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।सड़क विभाग के उपमहानिर्देशक और प्रवक्ता श्याम बहादुर खड्का ने बताया कि बिटुमिन की कमी के कारण देशभर में सड़क निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। सरकार और ठेकेदारों के बीच लगातार बातचीत जारी है ताकि समाधान निकाला जा सके।उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती लागत के चलते ठेकेदार अनुबंध संशोधन की मांग कर रहे हैं। फिलहाल सरकार इस पूरे मुद्दे पर समीक्षा कर रही है।
वैश्विक संकट का स्थानीय असर
अधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति दिखाती है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय तनाव कैसे नेपाल जैसे देशों की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्रभावित कर सकते हैं। कई अन्य परियोजनाएं भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रही हैं।फिलहाल निर्माण कार्यों की गति धीमी है और स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है।










