भागलपुर, अंग भारत। भागलपुर में यातायात को नई रफ्तार देने के लिए पथ निर्माण विभाग ने कमर कस ली है। जिले की लगभग 190 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़कों की कायापलट करने के लिए सरकार ने 126 करोड़ रुपये की निविदा (टेंडर) जारी कर दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य केवल सड़कों को नया बनाना नहीं, बल्कि उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित और सुगम बनाए रखना है। मंत्री ईं. शैलेंद्र के अनुसार, इस योजना के तहत निर्माण कार्य के बाद अगले 84 महीनों यानी सात सालों तक सड़कों के रखरखाव की पूरी जवाबदेही संबंधित एजेंसी की होगी।
सात साल का मेंटनेंस
सड़क निर्माण के बाद अक्सर देखा जाता है कि कुछ ही महीनों में गड्ढे उभर आते हैं। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने ’84 महीने के मेंटनेंस क्लॉज’ को अनिवार्य कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अब सड़क बनने के बाद ठेकेदार सिर्फ हाथ नहीं झाड़ सकते।
- लगातार निगरानी: चयनित एजेंसी को नियमित अंतराल पर सड़कों का निरीक्षण करना होगा।
- रोड मार्किंग और साइनबोर्ड: सुरक्षित यातायात के लिए सड़कों पर नए सिरे से पेंटिंग और संकेतकों को लगाया जाएगा।
- जल निकासी: बारिश के दौरान सड़कों पर पानी न जमा हो, इसके लिए पुलियों की मरम्मत और ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त किया जाएगा।
- जवाबदेही: किसी भी तरह की टूट-फूट को तय समय सीमा के भीतर ठीक करना एजेंसी की कानूनी जिम्मेदारी होगी।
बिहपुर और गोपालपुर में राहत
भागलपुर के कई इलाकों में सड़कों की दुर्दशा से आम जनता लंबे समय से परेशान थी। इस नई योजना में विशेष रूप से बिहपुर और गोपालपुर विधानसभा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय निवासियों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर नारायणपुर प्रखंड के बीरबन्ना से बिहपुर के सोनवर्षा दुमुंही चौक तक की सड़क का कायाकल्प होना है। वर्तमान में जो सड़क जर्जर है और जिसका पुराना मेंटनेंस अनुबंध जुलाई में खत्म हो रहा है, उसे नई तकनीकी और बेहतर गुणवत्ता के साथ तैयार किया जाएगा। इससे व्यापारियों, स्कूली बच्चों और आम यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा।
बुनियादी ढांचे पर जोर
राज्य के सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए सरकार आक्रामक रुख अपना रही है। पथ निर्माण मंत्री ईं. शैलेंद्र ने पदभार ग्रहण करने के महज 48 घंटों के भीतर 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं पर अपनी मुहर लगा दी है। उनका कहना है कि बिहार की प्रगति की गति अब धीमी नहीं होगी। सरकार का स्पष्ट विजन है कि बेहतर सड़कें केवल आवाजाही का साधन नहीं हैं, बल्कि ये आर्थिक विकास और औद्योगिक गतिविधियों की रीढ़ हैं।
दिल्ली में चर्चा और रणनीति
इस बड़े प्रोजेक्ट के साथ-साथ बिहार के समग्र विकास और संगठन की मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हाल ही में मंत्री ईं. शैलेंद्र का दिल्ली दौरा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। वहां उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, महासचिव विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में बिहार की आधारभूत संरचना को केंद्रीय स्तर से मिलने वाली मदद और राज्य की लंबित परियोजनाओं को गति देने पर सहमति बनी।
“सड़कें राज्य की जीवन रेखा होती हैं। हमारा लक्ष्य केवल सीमेंट और पत्थर बिछाना नहीं, बल्कि एक ऐसा टिकाऊ बुनियादी ढांचा तैयार करना है जो आने वाली पीढ़ियों के काम आए।” – ईं. शैलेंद्र, पथ निर्माण मंत्री।
नवगछिया भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रो. गौतम के अनुसार, इन योजनाओं का क्रियान्वयन जमीन पर नजर आने लगा है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य जल्द ही धरातल पर उतरेगा। भागलपुर के लोगों को आने वाले महीनों में एक मजबूत और बेहतर सड़क नेटवर्क मिलने की उम्मीद है, जिससे जिले की कनेक्टिविटी पड़ोसी जिलों के साथ और अधिक सुदृढ़ होगी।








