सुपौल,अंग भारत। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुपौल जिले के बलुआ बाजार में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. जगन्नाथ मिश्र की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। इस राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री के राज्यहित में किए गए कार्यों को याद किया और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रकट की। प्रतिमा अनावरण के इस बड़े कार्यक्रम में स्थानीय जनता के साथ-साथ राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान बलुआ बाजार और आस-पास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग अपने नेता को श्रद्धांजलि देने और मुख्यमंत्री के संबोधन को सुनने के लिए कार्यक्रम स्थल पर एकत्रित हुए।
समारोह में पहुंचे प्रमुख नेता
बलुआ बाजार में आयोजित इस भव्य समारोह में राज्य के कई कद्दावर राजनेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी स्वर्गीय डॉ. जगन्नाथ मिश्र की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर स्वर्गीय मिश्र के पुत्र और बिहार सरकार के वर्तमान मंत्री नीतीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित थे। उनके अलावा कार्यक्रम में निम्नलिखित जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही:
- नीरज कुमार सिंह बबलू – विधायक
- रामविलास कामत – विधायक
- विश्व मोहन कुमार – पूर्व सांसद
- नरेंद्र कुमार ऋषिदेव – भाजपा जिलाध्यक्ष
- राजेंद्र यादव – जदयू जिलाध्यक्ष
- दिलीप सिंह – स्थानीय नेता
इन सभी नेताओं ने डॉ. जगन्नाथ मिश्र के राजनीतिक सफर और बिहार के विकास में उनके द्वारा उठाए गए ऐतिहासिक कदमों की सराहना की। इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल स्थानीय लोगों के उत्साह से सराबोर दिखा।
कोसी-मेची परियोजना की समीक्षा
प्रतिमा का अनावरण करने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कोसी-मेची अंतरराज्यीय लिंक परियोजना के कार्यस्थल का दौरा किया। उन्होंने जमीन पर चल रहे निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति को देखा। मुख्यमंत्री ने इस बड़ी परियोजना की प्रगति की विस्तृत जानकारी वहां उपस्थित अभियंताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से ली।
“कोसी-मेची परियोजना इस पूरे इलाके के किसानों और आम जनता के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी। इसके निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए ताकि लोगों को इसका लाभ जल्द मिल सके।”
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि परियोजना के क्रियान्वयन में आ रही किसी भी बाधा को तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण और नहरों के जाल को बिछाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि सिंचाई की समस्या का स्थाई समाधान हो सके।
प्रशासन की पुख्ता तैयारी
मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए सुपौल जिला प्रशासन ने कई दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और पार्किंग को लेकर बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा के लिहाज से अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई थीं।
| अधिकारी का नाम | पदनाम | मुख्य जिम्मेदारी |
|---|---|---|
| सावन कुमार | जिलाधिकारी, सुपौल | संपूर्ण प्रशासनिक समन्वय एवं सुरक्षा निरीक्षण |
| शरथ आरएस | पुलिस अधीक्षक, सुपौल | सुरक्षा बल की तैनाती एवं कानून व्यवस्था |
| विनय कुमार | अनुमंडल पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज एवं वीरपुर | कार्यक्रम स्थल का भौतिक सत्यापन एवं स्थानीय प्रबंधन |
जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस लगातार कार्यक्रम स्थल का खुद निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था को परख रहे थे। मुख्यमंत्री के हेलिकॉप्टर को सुरक्षित उतारने के लिए बलुआ स्थित राजकीयकृत ललित नारायण हाई स्कूल परिसर में एक अस्थायी हेलीपैड का निर्माण किया गया था। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने पूरे बलुआ बाजार में यातायात को नियंत्रित रखने के लिए विशेष पुलिस बल की तैनाती की थी ताकि आम लोगों को आवागमन में कोई असुविधा न हो।
बलुआ को प्रखंड का दर्जा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बलुआ बाजार आगमन पर स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी एक पुरानी और प्रमुख मांग को मुखरता से उठाया। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र सौंपकर बलुआ को प्रखंड का दर्जा देने का आग्रह किया।
ग्रामीणों का कहना है कि बलुआ ऐतिहासिक और भौगोलिक दृष्टि से एक बड़ा केंद्र है। इसे प्रखंड का दर्जा मिलने से स्थानीय लोगों को छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री के सामने इस मांग को सीधे रखे जाने से अब क्षेत्र के लोगों में इस बात की आशा जग गई है कि सरकार जल्द ही इस दिशा में कोई सकारात्मक निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री ने भी लोगों की बातों को ध्यान से सुना और इस मांग पर विचार करने का भरोसा दिया।
डॉ. जगन्नाथ मिश्र का इतिहास
डॉ. जगन्नाथ मिश्र बिहार की राजनीति के इतिहास में एक बेहद प्रभावशाली नाम रहे हैं। उनका जन्म 24 जून 1937 को सुपौल जिले के इसी बलुआ बाजार में हुआ था। उन्होंने अर्थशास्त्र विषय में उच्च शिक्षा हासिल की और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले वे बिहार विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित एलएस कॉलेज में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दे रहे थे।
छात्र जीवन के दिनों से ही वे कांग्रेस पार्टी से जुड़ गए थे और धीरे-धीरे राज्य की मुख्यधारा की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। वे बिहार के एक ऐसे नेता बने जिन्हें समाज के हर वर्ग का भारी समर्थन मिला।
- प्रथम मुख्यमंत्री कार्यकाल: वर्ष 1975 से 1977 तक
- द्वितीय मुख्यमंत्री कार्यकाल: वर्ष 1980 से 1983 तक
- तृतीय मुख्यमंत्री कार्यकाल: वर्ष 1989 से 1990 तक
बिहार के तीन बार मुख्यमंत्री रहने के अलावा उन्होंने केंद्र सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री के रूप में भी कार्य किया। देश के विकास में उनके इस योगदान को हमेशा याद किया जाता रहेगा। लंबे समय तक बीमार रहने के बाद 19 अगस्त 2019 को नई दिल्ली के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया था। आज उनकी पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव बलुआ बाजार में उनकी प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना के लिए वापस रवाना हो गए।







