नई दिल्ली, अंग भारत। सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में आज भारी उछाल दर्ज किया गया है। आज सुबह के कारोबार में देश के अधिकांश हिस्सों में सोना 1,000 रुपये से लेकर 1,040 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हुआ है, जबकि चेन्नई में यह वृद्धि 500 रुपये से लेकर 540 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रही। इसके विपरीत, चांदी की कीमतों में 200 रुपये प्रति किलोग्राम की मामूली गिरावट देखी गई है। यह बदलाव निवेशकों और खरीदारों के लिए काफी चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं।
सोने-चांदी के नए दाम
बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, निवेश करने वाले लोग सतर्क हो गए हैं। विभिन्न श्रेणियों में सोने की कीमतें इस प्रकार हैं:
- 24 कैरेट सोना: 1,54,870 रुपये से 1,55,020 रुपये प्रति 10 ग्राम।
- 22 कैरेट सोना: 1,41,960 रुपये से 1,42,110 रुपये प्रति 10 ग्राम।
- चांदी (दिल्ली): 2,54,900 रुपये प्रति किलोग्राम।
आम तौर पर त्योहारों या शादियों के सीजन में सोने की मांग बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और मांग की कमी के चलते चांदी में आज नरमी बनी हुई है।
प्रमुख शहरों में भाव
देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिल रहा है। नीचे दी गई तालिका प्रमुख शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के ताजा भावों को दर्शाती है:
| शहर | 24 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 1,55,020 | 1,42,110 |
| मुंबई | 1,54,870 | 1,41,960 |
| अहमदाबाद | 1,54,920 | 1,42,010 |
| जयपुर | 1,55,020 | 1,42,110 |
सोना हमेशा से भारतीय परिवारों के लिए सुरक्षा का एक बड़ा माध्यम रहा है। जब भी बाजार में अनिश्चितता होती है, सोने में निवेश को प्राथमिकता दी जाती है।
बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर जैसे प्रमुख दक्षिण और पूर्वी भारतीय बाजारों में भी तेजी का रुख कायम है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों में 24 कैरेट सोना 1,54,870 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,41,960 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। इसी प्रकार पटना और लखनऊ के बाजारों में भी कीमतें काफी ऊंची बनी हुई हैं, जिससे ग्राहकों को अपनी खरीदारी योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।
बाजार पर असर: सोना और चांदी के भाव में हो रहे ये बदलाव सराफा व्यापारियों के कामकाज को भी प्रभावित कर रहे हैं। जब कीमतें बहुत अधिक बढ़ती हैं, तो खुदरा ग्राहकों की संख्या कम हो जाती है। व्यापारी वर्ग का कहना है कि वे रोजाना के उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए हुए हैं ताकि ग्राहकों को सही जानकारी दी जा सके। चांदी में 200 रुपये की गिरावट भले ही छोटी लगे, लेकिन औद्योगिक मांग और निवेश के लिहाज से यह संकेत महत्वपूर्ण है। भविष्य के दिनों में इन कीमती धातुओं की दिशा अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख पर निर्भर करेगी।







