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बंगाल में महिलाओं को बड़ी सौगात, सरकारी बसों में सफर मुफ्त

कोलकाता,अंग भारत। पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए सोमवार से राज्य की सभी सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा लागू कर दी है। चुनावी वादे के तहत शुरू की गई इस योजना का लाभ राज्य की सभी पात्र महिला यात्री उठा सकेंगी। सरकार का दावा है कि इस पहल से लाखों महिलाओं को रोजाना यात्रा खर्च में राहत मिलेगी।

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एसी और नॉन-एसी सभी सरकारी बसों में मिलेगी सुविधा

परिवहन विभाग के अनुसार यह योजना केवल सामान्य बसों तक सीमित नहीं है, बल्कि वातानुकूलित (एसी) और लंबी दूरी की सरकारी बसों में भी लागू होगी। योजना के पहले दिन यात्रियों की संभावित अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में करीब 600 एसी और नॉन-एसी सरकारी बसें अतिरिक्त रूप से सड़कों पर उतारी गई हैं।योजना के सुचारू संचालन के लिए प्रमुख बस टर्मिनलों और महत्वपूर्ण यात्री केंद्रों पर परिवहन विभाग के अधिकारियों की तैनाती भी की गई है।

सभी महिला यात्री होंगी योजना की पात्र

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल की सभी महिला यात्री इस योजना का लाभ लेने की पात्र होंगी। भविष्य में महिलाओं की पहचान और यात्रा सत्यापन के लिए एक विशेष डिजिटल स्मार्ट कार्ड जारी किया जाएगा।इस स्मार्ट कार्ड में यात्री का नाम, फोटो और क्यूआर कोड दर्ज रहेगा। कार्ड प्राप्त करने के लिए निर्धारित आवेदन पत्र संबंधित बीडीओ या एसडीओ कार्यालय में जमा करना होगा।

स्मार्ट कार्ड बनने तक ये दस्तावेज होंगे मान्य

परिवहन विभाग ने बताया कि स्मार्ट कार्ड वितरण प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय लग सकता है। ऐसे में अंतरिम व्यवस्था के तहत महिलाओं को पहचान प्रमाण के रूप में विभिन्न सरकारी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।मान्य दस्तावेजों में आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, आयुष्मान भारत कार्ड, कार्यालय द्वारा जारी पहचान पत्र तथा स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय के पहचान पत्र शामिल हैं।

बस कंडक्टर जारी करेंगे शून्य मूल्य का टिकट

स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू होने तक बस परिचालक महिला यात्रियों के पहचान पत्रों की जांच करेंगे और इसके बाद उन्हें शून्य मूल्य (जीरो फेयर) का टिकट या थर्मल पेपर टिकट जारी किया जाएगा।विभाग का कहना है कि यह प्रक्रिया यात्रियों की संख्या का रिकॉर्ड रखने और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है।

शुरुआती दिनों में आ सकती हैं कुछ चुनौतियां

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नई व्यवस्था के शुरुआती दो से तीन दिनों में कुछ परिचालन संबंधी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। हालांकि विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही यात्री और बस कर्मचारी नई प्रणाली के अनुरूप कार्य करने लगेंगे।सरकार का मानना है कि यह योजना महिलाओं की आर्थिक बचत के साथ-साथ उनकी आवाजाही को और अधिक सुविधाजनक बनाएगी। इससे शिक्षा, रोजगार और दैनिक कार्यों के लिए यात्रा करने वाली महिलाओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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