नई दिल्ली,अंग भारत। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड से जुड़े कथित धनशोधन मामले में मंगलवार को व्यापक कार्रवाई करते हुए पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में छह स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चल रही जांच का हिस्सा बताई जा रही है।
Read more…………शुभेंदु सरकार के 30 दिन: घुसपैठ और भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन
तीन राज्यों में एक साथ हुई कार्रवाई
ईडी के अनुसार, तलाशी अभियान पंजाब के लुधियाना और जालंधर, उत्तर प्रदेश के बरेली तथा दिल्ली-नोएडा क्षेत्र के विभिन्न ठिकानों पर चलाया गया। एजेंसी की टीमों ने जांच से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं के आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों में तलाशी ली।सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की गई। अधिकारियों ने वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारियां भी जुटाईं।
धन के स्रोत और लेन-देन की जांच
जांच एजेंसी मामले में धन के स्रोत, निवेश के तरीके, वित्तीय लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। ईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित धनराशि का उपयोग किस प्रकार किया गया और क्या इसमें किसी प्रकार की अवैध वित्तीय गतिविधि शामिल थी।अधिकारियों ने तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरणों को खंगालना शुरू कर दिया है। जांच में डिजिटल साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कई व्यक्तियों और संस्थाओं पर जांच का दायरा
ईडी की कार्रवाई केवल कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे जुड़े कुछ व्यक्तियों और अन्य संस्थाओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित धनशोधन नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही है।हालांकि, अभी तक एजेंसी की ओर से किसी गिरफ्तारी या बड़ी बरामदगी की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
जांच जारी, सामने आ सकते हैं नए तथ्य
प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि मामले में जांच अभी जारी है और तलाशी अभियान से प्राप्त दस्तावेजों तथा डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच के आगे बढ़ने के साथ कई नए तथ्य सामने आने की संभावना है।सूत्रों का मानना है कि छापेमारी के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल सभी संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जा रही है।












One Response