भोपाल,अंग भारत। मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किए जाने के बाद प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस फैसले को लेकर कड़ा विरोध जताया है और चुनाव आयोग के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
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भाजपा की आपत्ति के बाद शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला मंगलवार को उस समय गरमा गया जब भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई। भाजपा का आरोप था कि उम्मीदवार ने अपने शपथ पत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी नहीं दी और महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए हैं।इस शिकायत के बाद रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने मामले का संज्ञान लेते हुए मीनाक्षी नटराजन को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्हें शाम 5:30 बजे तक अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का समय दिया गया।
स्पष्टीकरण से असंतुष्ट होने पर नामांकन निरस्त
निर्धारित समय के भीतर कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से जवाब प्रस्तुत किया गया, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने इसे संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद भाजपा की आपत्ति को सही ठहराते हुए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। इस फैसले के सामने आते ही राजनीतिक माहौल गर्मा गया और कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ करार दिया।
भोपाल में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना
नामांकन रद्द होने के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने भोपाल में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई वरिष्ठ नेता आयोग कार्यालय पहुंचे।जब नेताओं को कार्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली तो उन्होंने बाहर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देर रात तक कांग्रेस नेताओं का धरना जारी रहा। कई नेता सड़क पर बैठ गए और कुछ ने विरोध स्वरूप रात वहीं गुजारी। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलेगी कांग्रेस
मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए कांग्रेस ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को दोपहर 12 बजे नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करेगा।प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा, मीनाक्षी नटराजन, मोहम्मद अली खान और उमर होडा शामिल रहेंगे।
कांग्रेस ने फैसले पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नामांकन खारिज करने का निर्णय जल्दबाजी में लिया गया और उम्मीदवार को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। पार्टी इस मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग कर रही है।
राज्यसभा चुनाव में बढ़ सकता है सियासी तनाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकता है। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ होने वाली बैठक के बाद आगे की रणनीति तय होगी। फिलहाल मध्य प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सभी की नजरें चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं।











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