भागलपुर, अंग भारत। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भागलपुर जिले में रविवार को अद्भुत उत्साह देखने को मिला, जहां शहर के सैंडिस कंपाउंड और इंडोर स्टेडियम जैसे प्रमुख स्थलों पर हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में हिस्सा लेकर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, पूर्व मंत्री अश्विनी चौबे और एमएलसी डॉ. एन.के. यादव जैसे जनप्रतिनिधियों ने आम नागरिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर योगासन किए, जो यह दर्शाता है कि योग अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।
आयोजन की भव्य शुरुआत
इंडोर स्टेडियम में कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, अपर समाहर्ता दिनेश राम और विधि-व्यवस्था के अपर समाहर्ता राकेश रंजन समेत जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पूरा माहौल योगमय था, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों ने अनुशासन के साथ योगासनों का अभ्यास किया। विभिन्न सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ विद्यालयों और सामाजिक संगठनों ने भी अपने स्तर पर योग शिविरों का संचालन किया, जिससे पूरा भागलपुर शहर योग के रंग में रंगा नजर आया।
योग का वैज्ञानिक महत्व
योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि प्राचीन भारत की वह अनमोल विरासत है जिसे आज विश्व स्वास्थ्य संगठन भी अपना रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि नियमित योगाभ्यास के कई फायदे हैं:
- मानसिक संतुलन: प्राणायाम तनाव और चिंता को कम करने में अचूक है।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता: निरंतर अभ्यास से शरीर की इम्यूनिटी में जबरदस्त सुधार होता है।
- एकाग्रता: ध्यान और योग के जरिए कामकाजी जीवन में फोकस बढ़ता है।
- लचीलापन: शारीरिक गतिविधियों के जरिए जोड़ों और मांसपेशियों की जकड़न खत्म होती है।
डीएम के विचार
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक बहुत ही व्यावहारिक बात कही। उन्होंने साझा किया कि एक प्रशासनिक पद पर रहते हुए भारी काम के दबाव के बीच खुद को फिट रखना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन योग उनकी ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। उनके अनुसार, यदि आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हैं, तो आप किसी भी कार्यक्षेत्र में चाहे वह नौकरी हो या व्यवसाय, अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकते हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से इसे एक ‘वन-डे इवेंट’ के बजाय जीवनशैली का स्थायी हिस्सा बनाने का आग्रह किया।
दैनिक जीवन में योग
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत को सबसे ज्यादा नजरअंदाज कर रहे हैं। भागलपुर के इन योग कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य यही था कि लोग समझें कि योग कोई कठिन क्रिया नहीं है। इसे बहुत सरल तरीके से अपनाया जा सकता है:
| समय | अभ्यास | लाभ |
|---|---|---|
| सुबह 15 मिनट | सूर्य नमस्कार | पूरे शरीर की ऊर्जा का संचार |
| 5 मिनट | अनुलोम-विलोम | फेफड़ों की क्षमता में वृद्धि |
| 5 मिनट | भ्रामरी प्राणायाम | मानसिक शांति और बेहतर नींद |
जनता का उत्साह
कार्यक्रम के दौरान जो सबसे अच्छी बात दिखी, वह थी आम नागरिकों की भागीदारी। वरिष्ठ नागरिकों से लेकर युवाओं तक, सभी में योग के प्रति एक अलग ही जोश था। प्रशिक्षित योग शिक्षकों की देखरेख में हुए इस अभ्यास सत्र में लोगों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का सामूहिक संकल्प लिया। कई युवाओं ने तो यह भी कहा कि अब वे अपने साथियों के साथ मिलकर प्रतिदिन सैंडिस कंपाउंड में योग ग्रुप बनाएंगे, जो स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती हुई जागरूकता का संकेत है।
“योग केवल आसन नहीं है, यह मन और शरीर के बीच का वह सेतु है जो हमें मुश्किल दौर में भी स्थिर रहना सिखाता है।” – प्रतिभागियों का अनुभव।
अंत में, यह कहना सही होगा कि योग दिवस के इस आयोजन ने भागलपुर वासियों में एक नई ऊर्जा का संचार किया है। योग को केवल एक दिन मनाने से स्वास्थ्य नहीं सुधरेगा, बल्कि इसे हर दिन की आदत बनाना होगा। यदि हम रोजाना महज 30 मिनट भी अपने शरीर और मन को देते हैं, तो हम एक बेहतर, स्वस्थ और उत्पादक समाज की नींव रख सकते हैं।








