भागलपुर, अंग भारत। भागलपुर जिले के घोघा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब 9 बजे एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसमें कटरिया नदी में डूबने से दो सगी बहनों की जान चली गई। आमापुर गांव की रहने वाली 12 वर्षीय प्रिया कुमारी और 4 वर्षीय पूजा कुमारी अपनी मां संजू देवी के साथ नदी में स्नान करने के लिए गई थीं। दुर्भाग्यवश, गहरे पानी में जाने के कारण दोनों बच्चियां नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गईं और उनकी दर्दनाक मौत हो गई। उनकी मां किसी तरह अपनी जान बचाने में तो कामयाब रहीं, लेकिन अपनी आँखों के सामने बेटियों को खो देने का गम उनके लिए असहनीय हो गया है।
हादसे का घटनाक्रम
शनिवार की सुबह आमापुर निवासी अनिल मंडल के परिवार के लिए काल बनकर आई। जब मां अपनी दोनों बेटियों के साथ नहाने के लिए कटरिया नदी के तट पर पहुंचीं, तो वहां का पानी शांत दिख रहा था। लेकिन नदी का तल कहाँ गहरा है और कहाँ फिसलन, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल था। अचानक संतुलन बिगड़ने से तीनों मां-बेटी गहरे पानी के भंवर में फंस गईं। स्थानीय लोगों की मानें तो नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ने और किनारों पर मिट्टी के कटाव के कारण पैर फिसलने से यह हादसा हुआ।
बचाव अभियान और चुनौतियां
जैसे ही शोर-शराबा हुआ, आसपास के ग्रामीण मदद के लिए दौड़ पड़े। गांव के लोगों ने फौरन घोघा पुलिस को सूचित किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गोताखोरों की एक टीम बुलाई गई। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों बच्चियों के शव बरामद किए गए। नदी का बहाव तेज होने और कीचड़ के कारण गोताखोरों को शव ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
- घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
- घोघा पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
- स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बरतने की अपील की है।
गांव में पसरा मातम
इस हादसे ने आमापुर गांव की खुशियां छीन ली हैं। मासूम पूजा की उम्र महज चार साल थी, जो अभी ठीक से दुनिया को समझ भी नहीं पाई थी। वहीं 12 वर्षीय प्रिया घर की उम्मीद थी। अनिल मंडल का परिवार फिलहाल सदमे में है। गांव के लोग एक-दूसरे को सांत्वना दे रहे हैं, लेकिन बच्चों को खोने वाले माता-पिता का दर्द किसी शब्द से बयान नहीं किया जा सकता। पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई ईश्वर से इस परिवार को हिम्मत देने की प्रार्थना कर रहा है।
पुलिस की जांच कार्रवाई
घोघा थाना की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की बारीकी से जांच की है। पुलिस फिलहाल इसे एक दुर्घटना मानकर ही कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की औपचारिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से नदी किनारे ग्रामीणों को चेतावनी दी गई है कि बरसात या पानी बढ़ने के समय नदी के घाटों पर जाने से बचें, क्योंकि अक्सर ऐसे हादसों का कारण अनजाना खतरा होता है।
“नदी-नालों में स्नान करते समय सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। विशेषकर छोटे बच्चों को पानी के पास अकेला न छोड़ें। नदी का बहाव बाहर से शांत दिख सकता है, लेकिन अंदर की गहराई और भंवर का पता लगाना किसी के लिए भी कठिन हो सकता है।”
सुरक्षा के लिए सुझाव
नदी या तालाबों में डूबने की घटनाएं हर साल कई परिवारों को तबाह कर देती हैं। ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए कुछ बुनियादी सुरक्षा नियम अपनाना जरूरी है:
- नदी के अनजान या गहरे घाटों पर जाने से बचें।
- बच्चों को कभी भी अकेले पानी के पास न जाने दें।
- नदी के तट पर अगर मिट्टी कट रही है, तो वहां खड़े होने से बचें।
- गांव के प्रमुख स्थानों पर ‘खतरा’ या ‘गहरा पानी’ के चेतावनी बोर्ड लगाएं।








