नई दिल्ली,अंग भारत। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को एकता और सामूहिक संकल्प का संदेश देते हुए कहा कि जब लोगों के विचार, संकल्प और मन की भावनाएं एक दिशा में होती हैं, तब कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं रह जाता। उन्होंने सभी नागरिकों से राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प को मिलकर पूरा करने का आह्वान किया।
संस्कृत सुभाषित के जरिए दिया एकता का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने लिखा—
“समानो मन्त्रः समितिः समानी समानं मनः सह चित्तमेषाम्। समानं मन्त्रमभि मन्त्रये वः समानेन वो हविषा जुहोमि॥”
इस श्लोक के माध्यम से उन्होंने समाज में एकजुटता, समान सोच और साझा संकल्प की महत्ता को रेखांकित किया।
सामूहिक प्रयास से हर लक्ष्य होता है सफल
प्रधानमंत्री ने सुभाषित का भावार्थ बताते हुए कहा कि जब समाज के लोगों के विचार, संकल्प और मन की भावनाएं एक समान होती हैं, तब सामूहिक प्रयासों से हर कार्य की सफलता सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आपसी सहयोग, विश्वास और एकजुटता सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।
राष्ट्र निर्माण में एकता को बताया सबसे बड़ी शक्ति
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एकजुटता किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है। यदि देशवासी समान उद्देश्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें, तो विकास की गति और तेज होगी तथा राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करना आसान हो जाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से सामूहिक भावना के साथ भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया।
विकसित भारत के संकल्प को दोहराया
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है, जब हर नागरिक समान उद्देश्य के साथ राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना योगदान दे। सामूहिक संकल्प और एकता ही भारत को नई उपलब्धियों तक पहुंचाने का सबसे मजबूत माध्यम है।










