नई दिल्ली,अंग भारत। दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अदालत के फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसका स्वागत किया है। पार्टी ने कहा कि अदालत के फैसले से साफ हो गया है कि अंकित शर्मा की हत्या एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिली है। इसके साथ ही भाजपा ने आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला।मंगलवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि अदालत का फैसला न्याय व्यवस्था और संविधान की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने इस पूरे मामले में गलत राजनीति की और अब उन्हें जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
भाजपा ने कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
गौरव भाटिया ने कहा कि अदालत ने दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में तत्कालीन आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन समेत जावेद, अनस, नाजिम और कासिम को दोषी ठहराया है।उन्होंने कहा कि अदालत ने अपने फैसले में माना है कि यह घटना किसी एक व्यक्ति की हरकत नहीं थी, बल्कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी। दोषियों ने साझा उद्देश्य और योजना के तहत इस वारदात को अंजाम दिया।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अदालत का फैसला उन सभी लोगों के लिए एक संदेश है जो कानून हाथ में लेने की कोशिश करते हैं।
केजरीवाल की चुप्पी पर उठाए सवाल
भाजपा ने इस मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी सवाल उठाए।गौरव भाटिया ने कहा कि जब यह घटना हुई थी, तब केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे और ताहिर हुसैन उनकी पार्टी के निर्वाचित पार्षद थे। उन्होंने सवाल किया कि अदालत का फैसला आने के बाद भी केजरीवाल की ओर से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई।भाजपा ने कहा कि आम आदमी पार्टी को इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए और जनता को बताना चाहिए कि वह अदालत के फैसले पर क्या सोच रखती है।
अमित शाह के बयान का भी किया जिक्र
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मार्च 2020 में संसद के भीतर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भरोसा दिलाया था कि दिल्ली दंगों के सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।उन्होंने कहा कि अब अदालत के फैसले से यह साबित हो गया है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को उनके अपराध की सजा मिल रही है।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को भी घेरा। गौरव भाटिया ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने लोगों के बीच भ्रम फैलाया और माहौल खराब करने की कोशिश की।उन्होंने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से सवाल करते हुए कहा कि सीएए लागू होने के बाद आखिर कितने मुस्लिम नागरिकों की नागरिकता गई। उन्होंने खुद ही इसका जवाब देते हुए कहा कि संख्या “शून्य” है।भाजपा का आरोप है कि विपक्ष ने राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को गुमराह किया और अनावश्यक डर का माहौल बनाया।
अमानतुल्लाह खान के बयान की भी आलोचना
गौरव भाटिया ने आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने अदालत के फैसले को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया था।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अदालत ने सभी सबूतों, गवाहों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर फैसला सुनाया है। ऐसे में न्यायपालिका के फैसले पर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि अदालत के निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए और राजनीतिक दलों को न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाने से बचना चाहिए।भाजपा ने कहा कि अदालत का यह फैसला कानून के शासन में लोगों का भरोसा मजबूत करता है। वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना है।










