भागलपुर,अंग भारत। बिहार में शिक्षा, महिला सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को लेकर बुधवार का दिन खास रहा। भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड के काशील गांव में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के 211 नए डिग्री कॉलेजों का एक साथ वर्चुअल उद्घाटन किया। इसी कार्यक्रम के दौरान भागलपुर में बने नए डिग्री कॉलेज का भी लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षित यात्रा के लिए छह विशेष पिंक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में सबसे बड़ा ऐलान विक्रमशिला सेतु को लेकर हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 नवंबर 2026 से विक्रमशिला सेतु पर आम लोगों के लिए नियमित परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा को मिलेगा बड़ा सहारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य गांव-गांव तक उच्च शिक्षा की सुविधा पहुंचाना है ताकि छात्रों को पढ़ाई के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। उन्होंने बताया कि एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों की शुरुआत होने से लाखों विद्यार्थियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। खासकर ग्रामीण इलाकों के छात्र-छात्राओं के लिए अब कॉलेज तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा।काशील गांव में बने नए डिग्री कॉलेज को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। लोगों का कहना है कि वर्षों से इस इलाके में कॉलेज की मांग की जा रही थी, जो अब पूरी हो गई है। इससे आसपास के कई गांवों के छात्रों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा।
बेटियों की पढ़ाई होगी आसान
कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों और अभिभावकों ने कहा कि सबसे ज्यादा राहत बेटियों को मिलेगी। अब उन्हें कॉलेज की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे परिवारों का खर्च भी कम होगा और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता भी घटेगी।लोगों का मानना है कि गांव के पास ही डिग्री कॉलेज खुलने से अधिक संख्या में लड़कियां उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगी। इससे इलाके में शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
महिलाओं के लिए चलीं छह पिंक बसें
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखते हुए छह विशेष पिंक बसों को भी रवाना किया। इन बसों का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक यात्रा उपलब्ध कराना है।सरकार का कहना है कि आने वाले समय में ऐसी बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल सके। इस पहल को महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
30 नवंबर से शुरू होगा विक्रमशिला सेतु
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विक्रमशिला सेतु को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 30 नवंबर 2026 से इस पुल पर आम लोगों के लिए परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है।विक्रमशिला सेतु शुरू होने के बाद भागलपुर समेत आसपास के जिलों की आवाजाही काफी आसान हो जाएगी। लोगों को जाम से राहत मिलेगी और उत्तर व दक्षिण बिहार के बीच संपर्क भी बेहतर होगा। व्यापार, पर्यटन और परिवहन के क्षेत्र में भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।
कई बड़े अधिकारी रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार भी मौजूद रहे। इसके अलावा भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल और विधायक शुभानंद मुकेश सहित कई जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ विभिन्न विकास योजनाओं की भी समीक्षा की और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकताओं पर जोर दिया।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। आने-जाने वाले लोगों की जांच के बाद ही कार्यक्रम स्थल में प्रवेश दिया जा रहा था।पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही और कहीं से किसी तरह की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।
इलाके के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
स्थानीय लोगों का कहना है कि डिग्री कॉलेज खुलने और विक्रमशिला सेतु शुरू होने से भागलपुर और आसपास के इलाकों के विकास को नई गति मिलेगी। शिक्षा की बेहतर सुविधा मिलने से युवाओं का भविष्य मजबूत होगा, वहीं बेहतर सड़क संपर्क से कारोबार, रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।ग्रामीणों ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अन्य परियोजनाएं भी इसी तरह तेजी से पूरी होंगी। इससे पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलने में मदद मिलेगी और युवाओं को अपने ही जिले में बेहतर अवसर मिल सकेंगे।







