मस्कट (ओमान),अंग भारत। भारतीय सब-जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने एफआईएच यूथ हॉकी5एस एशियाई चैंपियनशिप 2026 में अपने आक्रामक खेल के दम पर फाइनल का टिकट कटा लिया है। शुक्रवार को खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 7-3 से करारी शिकस्त दी। यह जीत न केवल टूर्नामेंट में भारत के दबदबे को दर्शाती है, बल्कि आने वाले विश्व कप क्वालीफायर के लिए टीम के इरादों को भी स्पष्ट करती है। वहीं, महिला टीम ने भी चीन के खिलाफ मिली हार को पीछे छोड़ते हुए उज्बेकिस्तान पर बड़ी जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।
पुरुष टीम का दबदबा
पुरुष वर्ग में भारत का प्रदर्शन किसी तूफान से कम नहीं रहा। पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर गति और सटीक रणनीति का बेहतरीन तालमेल दिखाया। खेल के पहले 10 मिनट में ही रोमित पाल, करण गौतम और केतन कुशवाहा ने गोल कर पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया था। मध्यांतर तक भारत 3-0 से आगे था, जिसने टीम के आत्मविश्वास को दोगुना कर दिया।
मैच का सांख्यिकीय विश्लेषण
- प्रारंभिक दबाव: पहले हाफ में 3-0 की बढ़त ने खेल की दिशा तय कर दी।
- दूसरे हाफ की आक्रामकता: प्रह्लाद राजभर, शाहरुख अली और राहुल यादव ने पाकिस्तान की रक्षापंक्ति को छिन्न-भिन्न कर दिया।
- जीत का अंतर: 7-3 का स्कोर बोर्ड दोनों टीमों के बीच खेल के स्तर का अंतर स्पष्ट रूप से बयां करता है।
ओमान के खिलाफ खेले गए पिछले मुकाबले में भी टीम का प्रदर्शन लाजवाब रहा। भारत ने मेजबान टीम को 10-1 से रौंदा। इसमें कप्तान केतन कुशवाहा की भूमिका अहम रही, जिन्होंने अकेले चार गोल किए। यह मैच इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सब-जूनियर टीम का तालमेल और स्टेमिना अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतर रहा है।
महिला टीम की वापसी
चीन के खिलाफ मिली 3-6 की हार के बाद, भारतीय महिला टीम के लिए अगला मुकाबला मनोवैज्ञानिक रूप से काफी अहम था। टूर्नामेंट के इस प्रारूप में हार के बाद तुरंत वापसी करना आसान नहीं होता, लेकिन टीम ने उज्बेकिस्तान के विरुद्ध 10-0 की शानदार जीत दर्ज कर आलोचकों का मुंह बंद कर दिया।
जीत के मुख्य नायक
उज्बेकिस्तान के खिलाफ मैच पूरी तरह से भारतीय खिलाड़ियों के नाम रहा। नौशीन नाज़ ने इस मैच में हैट्रिक लगाकर विपक्षी गोलकीपर को बुरी तरह परेशान किया। इसके अलावा टीम के लिए स्कोरिंग की कमान संदीपा कुमारी, श्रुति कुमारी, किरण एक्का, स्वीटी कुजूर, नीलम टोपनो और दिया ने संभाली। यह सामूहिक प्रदर्शन भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
आगामी चुनौतीपूर्ण मुकाबले
अब भारतीय टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती नॉकआउट और फाइनल राउंड की है। पुरुष टीम शनिवार, 25 जुलाई को एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ स्वर्ण पदक के लिए भिड़ेगी। हॉकी5एस में पाकिस्तान की टीम अपनी गति के लिए जानी जाती है, ऐसे में भारत को रक्षात्मक रणनीति में और भी सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।
| वर्ग | अगला मैच | महत्व |
|---|---|---|
| पुरुष | बनाम पाकिस्तान (फाइनल) | स्वर्ण पदक की लड़ाई |
| महिला | बनाम कजाकिस्तान (सेमीफाइनल) | फाइनल में प्रवेश का मौका |
विश्व कप का सपना
यह चैंपियनशिप केवल एक क्षेत्रीय टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि यह उद्घाटन एफआईएच यूथ हॉकी5एस विश्व कप के लिए एशियाई क्वालीफायर के रूप में भी कार्य कर रही है। भारत के पास यहाँ से सीधे विश्व कप में जगह बनाने का सुनहरा मौका है। सब-जूनियर स्तर पर भारत का यह प्रदर्शन न केवल खिलाड़ियों के व्यक्तिगत कौशल को निखार रहा है, बल्कि भारतीय हॉकी की बेंच स्ट्रेंथ को भी मजबूती दे रहा है। अगर टीम इसी लय को बरकरार रखती है, तो निश्चित रूप से एशियाई मंच पर भारत का परचम लहराना तय है।
मैदान पर खिलाड़ियों का जुनून और कोचों की रणनीतिक सूझबूझ इस पूरी यात्रा को रोमांचक बना रही है। फैंस की नजरें अब शनिवार के फाइनल मैच पर टिकी हैं, जहां भारत का लक्ष्य महाद्वीपीय चैंपियन बनकर लौटना है।







