रांची,अंग भारत। झारखंड में कमजोर पड़ चुका दक्षिण-पश्चिम मानसून अब फिर से पूरी तरह रफ्तार पकड़ चुका है, जिससे राजधानी रांची समेत राज्य के लगभग सभी जिलों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले दो दिनों यानी 27 और 28 जुलाई को सूबे में भारी बारिश होने वाली है, जबकि 29 जुलाई तक गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है। शुरुआत में जून के महीने में मानसून की सुस्ती ने किसानों और आम लोगों को थोड़ा परेशान जरूर किया था, लेकिन जुलाई में हो रही इस लगातार बारिश से खेतों में रौनक लौट आई है।
जिलों में बारिश के आंकड़े
मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों के भीतर झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में मध्यम से भारी दर्जे की बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे ज्यादा पानी सिमडेगा जिले में बरसा है, जहां रिकॉर्ड 120.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। आइए नीचे दी गई तालिका से समझते हैं कि किस क्षेत्र में कितनी बारिश हुई:
| शहर/क्षेत्र का नाम | बारिश के आंकड़े (मिमी में) |
|---|---|
| सिमडेगा | 120.8 |
| कोलेबिरा | 59.4 |
| मसानजोर | 43.2 |
| घाटशिला | 32.6 |
| रांची | 26.3 |
| रनिया (खूंटी) | 22.8 |
| हजारीबाग | 21.5 |
इस बारिश से राज्य के नदी-नाले और जलाशय फिर से भरने लगे हैं। खास तौर पर खेती-किसानी से जुड़े लोगों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि धान की रोपनी के लिए खेतों में पानी का जमा होना बहुत जरूरी है।
वज्रपात और येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 29 जुलाई तक के लिए पूरे राज्य में विशेष रूप से चेतावनी जारी की है। इस दौरान बादलों के गरजने के साथ-साथ तेज बिजली गिरने की आशंका बहुत अधिक है। हवाओं की रफ्तार भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है। ऐसे में मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वज्रपात के समय लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है।
“जब भी आसमान में तेज गर्जन हो या बिजली चमकती दिखे, तो तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर के नीचे चले जाएं। पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें।”
झारखंड में अक्सर मानसून के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से जान-माल का नुकसान होता है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को इस मौसम में खेतों में काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
तापमान और उमस का हाल
शनिवार को रांची और उसके आस-पास के इलाकों में सुबह के समय तो घने बादल छाए रहे, जिससे लगा कि भारी बारिश होगी। लेकिन दोपहर होते-होते अचानक धूप निकल आई। इस वजह से उमस काफी ज्यादा बढ़ गई और लोगों को पसीने वाली गर्मी का सामना करना पड़ा। रांची में शनिवार को हवा में नमी यानी आर्द्रता का अधिकतम स्तर 95 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जो काफी ज्यादा है।
झारखंड के प्रमुख शहरों के तापमान की स्थिति इस प्रकार दर्ज की गई:
- रांची: अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
- जमशेदपुर: अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- डाल्टनगंज: अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
- बोकारो: अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
- चाईबासा: अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहा।
इसके अलावा, पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे राज्य में सबसे अधिक गर्म इलाका पाकुड़ रहा, जहां का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे ठंडा इलाका लातेहार रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 21.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
सुरक्षा के जरूरी उपाय
मौसम के इस बदलते मिजाज के बीच सुरक्षित रहना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जब भी मौसम खराब हो, तो इन बातों पर जरूर गौर करें:
- खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर कदम न निकालें।
- बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचें और उन्हें अनप्लग कर दें।
- अगर आप खुले मैदान या खेत में हैं, तो जमीन पर लेटने के बजाय घुटनों के बल सिमटकर बैठ जाएं।
- तालाब, नदी या किसी भी जलस्रोत के पास जाने से परहेज करें, क्योंकि पानी बिजली का सुचालक होता है।
झारखंड में मानसून की यह सक्रियता खेती के लिहाज से जितनी अच्छी है, लापरवाही बरतने पर उतनी ही खतरनाक भी साबित हो सकती है। इसलिए स्थानीय मौसम बुलेटिन पर लगातार नजर बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।







