पटना, अंग भारत। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव की मतगणना के आठवें चरण के बाद जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नीरज कुमार Sinha से 4,556 मतों की मजबूत बढ़त बना ली है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आठवें राउंड के आधिकारिक रुझानों के मुताबिक, प्रशांत किशोर को अब तक कुल 15,637 वोट मिले हैं, जबकि भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा 11,081 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर चल रहे हैं। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रत्याशी रेखा गुप्ता महज 2,991 मतों के साथ तीसरे स्थान पर पिछड़ गई हैं। प्रत्येक राउंड के साथ मतों का यह अंतर तेजी से बदल रहा है, जिससे मतगणना केंद्र पर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है।
मतों का पूरा गणित
आठवें राउंड की गिनती समाप्त होने के बाद बांकीपुर सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। चुनाव मैदान में उतरे मुख्य प्रत्याशियों को मिले मतों की वास्तविक स्थिति नीचे दी गई तालिका से समझी जा सकती है:
| उम्मीदवार का नाम | राजनीतिक दल | प्राप्त मत (8वां चरण) | कुल स्थिति |
|---|---|---|---|
| प्रशांत किशोर | जन सुराज पार्टी | 15,637 | 4,556 मतों से आगे |
| नीरज कुमार सिन्हा | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) | 11,081 | दूसरे स्थान पर |
| रेखा गुप्ता | राष्ट्रीय जनता दल (राजद) | 2,991 | तीसरे स्थान पर |
जन सुराज का उभार
बिहार की चुनावी राजनीति में जन सुराज पार्टी की यह बढ़त कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। प्रशांत किशोर ने लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहकर देश की बड़ी पार्टियों के लिए चुनावी रणनीतियां बनाई थीं, लेकिन खुद सीधे तौर पर चुनावी रण में उतरकर उन्होंने स्थापित दलों को हैरान कर दिया है। बांकीपुर जैसी प्रतिष्ठित शहरी सीट पर शुरुआती आठ राउंड में ही साढ़े चार हजार से अधिक मतों की बढ़त मिलना यह साफ करता है कि जनता पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों से हटकर एक नए विकल्प को आजमाने के मूड में दिख रही है। जमीन पर किए गए जनसंपर्क और पदयात्राओं का असर अब मतपेटियों में दिखने लगा है।
भाजपा के लिए चुनौती
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा के लिए इस सीट पर अपनी साख बचाना बड़ी चुनौती बन गया है। आठवें चरण तक 11,081 मतों के साथ पिछड़ने के बाद भाजपा खेमे में मंथन शुरू हो गया है। शहरी मतदाताओं के बीच भाजपा की पकड़ हमेशा से मजबूत रही है, लेकिन इस उपचुनाव में जन सुराज ने उनके इसी कोर वोटर वर्ग में बड़ी सेंधमारी की है। हालांकि, भाजपा के स्थानीय नेताओं का कहना है कि अभी कई राउंड की गिनती होना बाकी है और आने वाले चरणों में ग्रामीण व बाहरी इलाकों के बूथों की पेटियां खुलने पर समीकरण बदल सकते हैं।
“बांकीपुर की जनता इस बार बदलाव के लिए वोट कर रही है। शुरुआती रुझान जमीनी हकीकत को बयां कर रहे हैं, जहां पारंपरिक दलों के प्रति लोगों में नाराजगी साफ देखी जा सकती है।”
राजद की कमजोर स्थिति
इस उपचुनाव के सबसे हैरान करने वाले आंकड़े राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के खेमे से आ रहे हैं। राजद की उम्मीदवार रेखा गुप्ता आठवें राउंड तक केवल 2,991 वोट हासिल कर पाई हैं। मुख्य विपक्षी दल होने के बावजूद बांकीपुर में राजद की यह स्थिति दर्शाती है कि पार्टी अपने पारंपरिक सामाजिक समीकरणों को इस सीट पर एकजुट रखने में असफल रही है। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाने में राजद पूरी तरह विफल रही और वोटर्स ने भाजपा के मुकाबले प्रशांत किशोर की पार्टी को अधिक मजबूत और विश्वसनीय विकल्प माना।
सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया
मतगणना की पूरी प्रक्रिया भारी सुरक्षा घेरे के बीच संपन्न कराई जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने मतगणना केंद्र के बाहर और भीतर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। काउंटिंग हॉल में केवल अधिकृत एजेंटों, प्रत्याशियों और चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों को ही जाने की अनुमति मिली है। निर्वाचन आयोग की विशेष टीम हर राउंड के मतों की गिनती की वीडियो रिकॉर्डिंग करवा रही है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। हर राउंड की गिनती पूरी होने के बाद टेबुलेशन शीट तैयार कर उम्मीदवारों के हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं, जिसके बाद ही आधिकारिक तौर पर आंकड़ों की घोषणा की जा रही है।
आगे की राह
बांकीपुर उपचुनाव के अंतिम परिणाम जो भी हों, लेकिन आठवें राउंड तक के इन रुझानों ने बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एक नया नैरेटिव सेट कर दिया है। प्रशांत किशोर की बढ़त ने साबित किया है कि राज्य में अब केवल दो गठबंधनों के बीच ही मुकाबला नहीं रहेगा, बल्कि एक मजबूत तीसरा मोर्चा भी जनता की पहली पसंद बनने का माद्दा रखता है। मतगणना जारी है और अंतिम राउंड की गिनती पूरी होने के बाद ही बांकीपुर के असली विजेता का फैसला होगा।








