भागलपुर,अंग भारत। भागलपुर क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) में कथित भ्रष्टाचार, अपारदर्शी कार्यशैली और खिलाड़ियों की लगातार उपेक्षा के विरोध में बिहार टीम के क्रिकेट खिलाड़ी सचिन कुमार आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनके इस कदम के बाद जिले के खेल जगत में हलचल तेज हो गई है।
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भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ खिलाड़ी का विरोध
आमरण अनशन पर बैठे सचिन कुमार का आरोप है कि भागलपुर क्रिकेट लंबे समय से कुछ लोगों के नियंत्रण में है, जहां खिलाड़ियों और क्लबों की आवाज को नजरअंदाज किया जाता रहा है। उनका कहना है कि एसोसिएशन में पारदर्शिता की कमी और बंद कमरे की राजनीति के कारण जिले में क्रिकेट का विकास प्रभावित हुआ है तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का भविष्य संकट में पड़ गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब दो दशकों से एसोसिएशन में लोकतांत्रिक और निष्पक्ष चुनाव नहीं कराए गए। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के बजाय आपसी सहमति से पदों का बंटवारा किया जाता रहा है, जिससे संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लीग प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी उठाए सवाल
सचिन कुमार ने आरोप लगाया कि बी डिवीजन क्लब क्रिकेट लीग वर्षों से नियमित रूप से आयोजित नहीं कराई गई है। वहीं ए डिवीजन प्रतियोगिताएं भी गिने-चुने वर्षों में ही आयोजित हुई हैं। उन्होंने कहा कि क्लबों से आवेदन और पंजीकरण शुल्क लेने के बावजूद प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती।खिलाड़ी का दावा है कि एक बार सभी टीमों से शुल्क लेने के बाद भी लीग का आयोजन नहीं कराया गया था। इस वर्ष भी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के काफी समय बाद तक प्रतियोगिता को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इससे खिलाड़ियों और क्लबों में भारी नाराजगी है।
खिलाड़ियों को नहीं मिल रहे पर्याप्त अवसर
अनशनकारी खिलाड़ी का कहना है कि क्रिकेटरों को नियमित अभ्यास, प्रतियोगिताओं और खेल गतिविधियों से वंचित रखा जा रहा है। इससे उनकी तैयारी और प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं।सचिन कुमार ने यह भी कहा कि एसोसिएशन के महत्वपूर्ण फैसले गोपनीय तरीके से लिए जाते हैं और खिलाड़ियों या क्लबों को विश्वास में नहीं लिया जाता। इससे संगठन में जवाबदेही और पारदर्शिता का अभाव दिखाई देता है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
सचिन कुमार ने जिला प्रशासन से भागलपुर क्रिकेट एसोसिएशन की कार्यप्रणाली, चुनाव प्रक्रिया, लीग संचालन और वित्तीय मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने भविष्य में एसोसिएशन के सभी चुनाव प्रशासन की निगरानी में पूरी पारदर्शिता के साथ कराने की भी मांग उठाई है।उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक मामले में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। खिलाड़ी के इस आंदोलन को लेकर खेल प्रेमियों और स्थानीय क्रिकेट समुदाय की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।










