कोलकाता,अंग भारत| कोलकाता में चुनावी माहौल के बीच सियासी बयानबाजी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि अभिषेक बनर्जी ने चुनावी सभा के दौरान हिंसा भड़काने वाली भाषा का इस्तेमाल किया, जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।
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रैना की सभा से बढ़ा विवाद
भाजपा की ओर से दायर शिकायत में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल के रैना में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने कथित रूप से भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ आपत्तिजनक और उकसावे भरे बयान दिए। पार्टी का दावा है कि ऐसे बयान चुनावी माहौल को प्रभावित करते हैं और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की भावना के खिलाफ जाते हैं।
चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग
भाजपा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि चुनाव नियमों के तहत किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को ऐसी भाषा का प्रयोग करने की अनुमति नहीं है, जिससे नफरत फैले या हिंसा को बढ़ावा मिले।पार्टी ने इसे आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन बताते हुए आयोग से उचित कार्रवाई करने की अपील की है। भाजपा का कहना है कि इस तरह के बयान लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करते हैं और चुनाव को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं।
ममता बनर्जी के बयानों का भी जिक्र
भाजपा ने अपनी शिकायत में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कुछ पूर्व बयानों का भी उल्लेख किया है। पार्टी का आरोप है कि पहले भी ऐसे मामलों में पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई, जिससे इस तरह की बयानबाजी को बढ़ावा मिला है।भाजपा ने मांग की है कि अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी के भाषणों पर नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर प्रतिबंधात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।
निष्पक्ष चुनाव पर जोर
पार्टी ने कहा कि वह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त चुनाव के लिए प्रतिबद्ध है और चुनाव आयोग से भी इसी दिशा में कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा करती है। भाजपा नेताओं का मानना है कि चुनाव के दौरान संयमित भाषा का प्रयोग बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार का तनाव या हिंसा की स्थिति उत्पन्न न हो।फिलहाल, चुनाव आयोग द्वारा शिकायत पर विचार किए जाने की प्रक्रिया जारी है। आने वाले समय में इस मामले पर आयोग का रुख क्या रहता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।










