नई दिल्ली,अंग भारत। महाराष्ट्र के नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में पासिंग आउट परेड के बाद एक युवा सैन्य अधिकारी का अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज करना चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लाखों लोगों ने पसंद किया, लेकिन भारतीय सेना ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
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पासिंग आउट परेड के बाद किया था प्रपोज
जानकारी के अनुसार कैप्टन भारत भारद्वाज ने अपनी फ्लाइट ट्रेनिंग पूरी करने के बाद आधिकारिक तौर पर आर्मी एविएशन पायलट के रूप में ग्रेजुएशन हासिल किया। 2 जून को आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद उन्होंने सेना की वर्दी में सैन्य हेलीकॉप्टर के सामने घुटनों के बल बैठकर अपनी मित्र आरुषि को शादी के लिए प्रपोज किया और अंगूठी पहनाई।इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें आरुषि प्रस्ताव स्वीकार करती नजर आईं और मौके पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर दोनों का उत्साह बढ़ाया।
सेना ने सैन्य प्रोटोकॉल उल्लंघन माना
रक्षा सूत्रों के अनुसार सेना ने इस मामले में सैन्य वर्दी और सैन्य संपत्तियों के उपयोग को लेकर आपत्ति जताई है। अधिकारियों का मानना है कि सैन्य हेलीकॉप्टर और सैन्य परिसर का इस तरह व्यक्तिगत उद्देश्य के लिए उपयोग सेना के निर्धारित प्रोटोकॉल और नियमों के अनुरूप नहीं है।सेना का कहना है कि अधिकारियों की व्यक्तिगत खुशियों से किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन जिस स्थान और तरीके से यह किया गया, उसने सैन्य अनुशासन और मर्यादा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चर्चा
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इस पल को रोमांटिक और प्रेरणादायक बताया। कई लोगों ने इसे सैन्य उपलब्धि और निजी जीवन के खूबसूरत संगम के रूप में देखा। हालांकि दूसरी ओर कुछ लोगों ने सैन्य परिसरों और उपकरणों के उपयोग को लेकर सवाल भी उठाए।सेना विशेष रूप से इस बात को लेकर सतर्क है कि आधिकारिक समारोहों या सैन्य संसाधनों का इस्तेमाल ऐसे व्यक्तिगत कंटेंट के लिए न किया जाए, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए।
वर्दी की गरिमा बनाए रखना हर सैनिक की जिम्मेदारी
रक्षा अधिकारियों का मानना है कि सेना की वर्दी केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि सम्मान, अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक होती है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और जवान का कर्तव्य है कि वह उसकी गरिमा और सैन्य संस्थानों की प्रतिष्ठा को बनाए रखे।फिलहाल सेना ने कैप्टन भारत भारद्वाज से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।










