भागलपुर,अंग भारत। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए लेबर कोड के विरोध में बुधवार को देशभर के साथ-साथ भागलपुर में भी मजदूर संगठनों ने “काला दिवस” मनाया। शहर के स्टेशन चौक पर विभिन्न मजदूर संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में मजदूरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में लेबर कोड को तत्काल रद्द करने की मांग उठाई।
मजदूर संगठनों के साथ किसान मोर्चा भी हुआ शामिल
इस संयुक्त प्रदर्शन का नेतृत्व विभिन्न संगठनों के प्रमुख नेताओं ने किया। इसमें ऐक्टू, एटक, सीटू, सेवा और इंटक के पदाधिकारियों के साथ-साथ कई अन्य संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़े किसान संगठनों ने भी भाग लेकर मजदूरों के आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई।
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सरकार पर कॉरपोरेट हित में काम करने का आरोप
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड मजदूरों के हित में नहीं, बल्कि बड़े कॉरपोरेट घरानों के फायदे के लिए बनाए गए हैं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इन कानूनों के जरिए मजदूरों के मौजूदा अधिकारों और सुरक्षा प्रावधानों को कमजोर किया जा रहा है, जिससे उनकी स्थिति और भी बदतर हो सकती है।
आम हड़ताल के बावजूद सरकार पर अड़े रहने का आरोप
नेताओं ने कहा कि पिछले कई वर्षों में सरकार की नीतियों से देश के मजदूर वर्ग को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 12 फरवरी 2026 को हुई देशव्यापी आम हड़ताल में मजदूरों ने इन लेबर कोडों को पहले ही खारिज कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद सरकार इन्हें लागू करने पर अड़ी हुई है।
मजदूरों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
वक्ताओं ने कहा कि नए लेबर कोड लागू होने से मजदूरों को मिलने वाली कई कानूनी सुरक्षा खत्म हो जाएगी और वे शोषण के शिकार हो सकते हैं। उन्होंने इसे मजदूरों को “गुलामी की ओर धकेलने वाला कदम” बताते हुए कहा कि इससे उन्हें दशकों पीछे धकेला जाएगा। उनका कहना था कि इन कानूनों से बड़ी कंपनियों को अधिक लाभ मिलेगा, जबकि मजदूरों की स्थिति और कमजोर होगी।प्रदर्शन में शामिल मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा और किसी भी तरह के हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर, किसान नेता, युवा कार्यकर्ता और महिला प्रतिनिधि मौजूद रहे।










