भुवनेश्वर,अंग भारत। ओडिशा सिविल सर्विस परीक्षा-2024 में टॉप करने वाले केंदुझर जिले के बुबुन साहू को गुरुवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने लोकसेवा भवन में सम्मानित किया। यह सम्मान महज एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक छोटे से गांव से निकलकर राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद तक पहुंचने वाले एक युवा के कड़े संघर्ष और अटूट संकल्प की जीत है। मुख्यमंत्री ने बुबुन को उनकी शानदार सफलता पर बधाई देते हुए उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
सफलता का नया मानदंड
ओडिशा सिविल सर्विस परीक्षा में बुबुन साहू का प्रथम स्थान प्राप्त करना लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता को हासिल किया जा सकता है। बुबुन की यह यात्रा उन छात्रों के लिए एक दिशा-निर्देश है जो सरकारी सेवा में आकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं।
जनसेवा ही सर्वोपरि
सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रशासन का मुख्य केंद्र बिंदु केवल फाइलें निपटाना नहीं, बल्कि जनसेवा होना चाहिए। उनकी कुछ प्रमुख बातें नीचे दी गई हैं:
- सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
- महिलाओं, बच्चों और पिछड़ों के उत्थान के लिए संवेदनशील होकर कार्य करना।
- प्रशासनिक कार्यों में ईमानदारी और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देना।
एक अच्छा इंसान बनना
मुख्यमंत्री ने बुबुन साहू को नसीहत देते हुए कहा कि केवल डीएसपी या उच्च अधिकारी होना काफी नहीं है। एक सफल प्रशासक वही है जिसके अंदर मानवीय संवेदनाएं जीवित रहें। उन्होंने जोर दिया कि सत्ता और पद के साथ-साथ विनम्रता और जन सरोकार का होना एक बेहतरीन अधिकारी की पहचान होती है। यह सीख किसी भी नवोदित अधिकारी के लिए एक मार्गदर्शक मंत्र की तरह है।
अनुशासन और निरंतरता
बुबुन साहू की सफलता रातों-रात नहीं मिली है। वे पहले से ही ओडिशा पुलिस सेवा में डीएसपी (DSP) के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मार्च 2026 से वे भुवनेश्वर की बीजू पटनायक राज्य पुलिस अकादमी में कड़ा प्रशिक्षण ले रहे हैं। अपनी नौकरी के साथ-साथ सिविल सर्विस की पढ़ाई जारी रखना उनकी अद्भुत अनुशासन क्षमता को दर्शाता है।
सफलता की पृष्ठभूमि
बुबुन साहू का जीवन संघर्ष की एक मिसाल है। उनके जीवन से जुड़ी कुछ अहम बातें निम्नलिखित हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पिता का पेशा | किसान (भगवान साहू) |
| माता | गृहिणी (कुंजलता साहू) |
| वर्तमान भूमिका | डीएसपी (ओडिशा पुलिस सेवा) |
| प्रेरणा | कड़ी मेहनत और संघर्ष |
संघर्ष से सफलता का सफर
एक किसान परिवार में जन्मे बुबुन साहू के लिए यह रास्ता आसान नहीं था। उनके पिता भगवान साहू और माता कुंजलता साहू ने उन्हें हर संभव सहयोग दिया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उनके माता-पिता की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे माता-पिता का त्याग और अनुशासन का बड़ा योगदान होता है। बुबुन की कहानी यह बताती है कि पृष्ठभूमि चाहे कितनी भी सामान्य हो, कड़ी मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयास व्यक्ति को शून्य से शिखर तक पहुंचा सकते हैं।
बुबुन का अगला लक्ष्य राज्य प्रशासन के माध्यम से ओड़िशा की आम जनता की समस्याओं का समाधान करना है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे ओडिशा के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आई है। मुख्यमंत्री द्वारा किया गया यह सम्मान उन्हें अपनी नई भूमिकाओं में और भी बेहतर तरीके से काम करने का प्रोत्साहन देगा।








