वाशिंगटन, अंग भारत। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब व्हाइट हाउस के करीब अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। शनिवार शाम को हुई इस घटना ने पूरे अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस समय यह गोलीबारी हुई, तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के भीतर मौजूद थे और ईरान समझौते जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स तुरंत हरकत में आए और पूरे इलाके को लॉक कर दिया गया।
सुरक्षा में भारी चूक का मामला
घटना स्थल व्हाइट हाउस के पास स्थित 17वीं स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू एनडब्ल्यू का व्यस्त इलाका था, जो आइजनहावर एग्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग के काफी करीब है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शांतिपूर्ण शाम अचानक चीख-पुकार और गोलियों की आवाज में बदल गई। लगभग 15 से 30 राउंड फायरिंग हुई, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
- सीक्रेट सर्विस ने त्वरित जवाबी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को रोका।
- फायरिंग में एक राहगीर के घायल होने की खबर है, जबकि सीक्रेट सर्विस के किसी भी कर्मी को चोट नहीं आई।
- संदिग्ध को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी मृत्यु हो गई।
संदिग्ध का पिछला रिकॉर्ड
जांच के दौरान मारे गए संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय नासिर बेस्ट के रूप में हुई है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह नाम नया नहीं था। रिपोर्ट्स बताती हैं कि जुलाई 2025 में भी नासिर ने व्हाइट हाउस में घुसने की एक नाकाम कोशिश की थी। उस समय उसे गिरफ्तार करके मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी में रखा गया था। यह तथ्य सुरक्षा खामियों की ओर इशारा करता है कि एक पूर्व संदिग्ध व्यक्ति दोबारा इतनी आसानी से व्हाइट हाउस के इतने करीब कैसे पहुँच गया।
पत्रकारों ने बयां किया खौफ
व्हाइट हाउस परिसर में उस समय मौजूद मीडिया कर्मियों के लिए यह अनुभव बेहद डरावना था। पत्रकार एम्मा निकोलसन, जो वहां अपनी रिकॉर्डिंग की तैयारी कर रही थीं, ने बताया कि गोलीबारी शुरू होते ही उन्हें जमीन पर लेटकर अपनी जान बचानी पड़ी।
“अचानक हुई गोलियों की आवाज ने सब कुछ बदल दिया। हम सभी को तुरंत प्रेस ब्रीफिंग रूम में शिफ्ट किया गया, जहाँ करीब एक घंटे तक डर का माहौल बना रहा,” एक प्रत्यक्षदर्शी पत्रकार ने साझा किया।
घटना के बाद करीब एक घंटे तक पूरा व्हाइट हाउस परिसर लॉकडाउन की स्थिति में रहा, जिसके बाद सुरक्षा जांच के उपरांत स्थिति को सामान्य घोषित किया गया।
उच्च स्तरीय जांच के आदेश
सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता एंथनी गुग्लिएल्मी ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा एजेंट्स ने समय रहते संदिग्ध की योजना को पूरी तरह विफल कर दिया था। इस बीच, एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि एफबीआई की विशेष जांच टीम घटनास्थल पर मौजूद है और हर पहलू से सबूत जुटाए जा रहे हैं।
जांच के मुख्य बिंदु:
- क्या नासिर बेस्ट किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा था?
- सुरक्षा घेरे में हथियारों के साथ प्रवेश करना कैसे संभव हुआ?
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रोटोकॉल में बदलाव।
फिलहाल, वाशिंगटन में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। व्हाइट हाउस के आसपास गश्त तेज कर दी गई है और पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अमेरिकी प्रशासन अब इस घटना के बाद अपनी सुरक्षा नीतियों की फिर से समीक्षा करने की तैयारी कर रहा है ताकि राष्ट्रपति और व्हाइट हाउस की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो सके।







