गुवाहाटी,अंग भारत। असम की राजधानी गुवाहाटी में जाली भारतीय मुद्रा के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शहर के अलग-अलग इलाकों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान करीब 10 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच तेज कर दी गई है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई शहर में फल-फूल रहे नकली नोटों के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए की गई है, क्योंकि पिछले कुछ समय से स्थानीय बाजारों में जाली नोटों के सर्कुलेशन की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं।
कामाख्या स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई
पुलिस को अपनी खुफिया जानकारी के आधार पर कामाख्या रेलवे जंक्शन पर बड़ी कामयाबी मिली। यहां से पुलिस ने दो संदिग्धों को रंगे हाथों पकड़ा, जिनके पास से नकली नोटों की भारी खेप बरामद हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान झारखंड के पाकुड़ जिले के निवासी दयाल दास और गोलाब शेख के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है। उन्होंने बताया कि ये नोट उन्हें गुवाहाटी के राजगढ़ इलाके में किसी अज्ञात व्यक्ति ने सौंपे थे। उनकी योजना इन नोटों को अपने साथ झारखंड ले जाने की थी, जहां से इन्हें स्थानीय बाजारों में खपाया जाना था। इस तरह के रैकेट अक्सर अंतर-राज्यीय सीमा का फायदा उठाकर पकड़े जाने से बचते रहते हैं, लेकिन इस बार पुलिस की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
शहरव्यापी अभियान का प्रभाव
यह कार्रवाई महज एक स्थान तक सीमित नहीं थी। पुलिस ने पूरे गुवाहाटी में एक व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। अलग-अलग टीमों ने संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी, जिसके नतीजे में कुल 10 लाख रुपये के नकली नोट जब्त किए गए। पुलिस हिरासत में लिए गए चारों आरोपियों से अब सघन पूछताछ की जा रही है।
- जब्त कुल राशि: 10 लाख रुपये (भारतीय मुद्रा)।
- गिरफ्तार आरोपियों की संख्या: चार व्यक्ति।
- मुख्य स्रोत: राजगढ़, गुवाहाटी का अज्ञात सप्लायर।
- गंतव्य: झारखंड और आस-पास के क्षेत्र।
संगठित नेटवर्क की जांच
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह कोई छोटा-मोटा अपराध नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का काम है। नकली नोटों का कारोबार करने वाले अक्सर नए-नए तरीके अपनाते हैं, जिनमें युवाओं को ‘कूरियर’ के रूप में इस्तेमाल करना आम बात है। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या इस गिरोह के तार देश के अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। राजगढ़ में सक्रिय उस अज्ञात व्यक्ति की पहचान करना पुलिस की प्राथमिकता है, जो इस पूरे नेटवर्क की कड़ी माना जा रहा है।
बढ़ती घटनाओं की चुनौती
गुवाहाटी में जाली नोटों की बरामदगी का यह मामला कोई इकलौती घटना नहीं है। महज एक दिन पहले ही शहर में 13 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। ऐसी लगातार हो रही गिरफ्तारियां इशारा करती हैं कि पूर्वोत्तर का यह शहर तस्करों के लिए एक ट्रांजिट हब बनता जा रहा है।
आम नागरिकों के लिए सावधानियां
बाजार में नकली नोटों का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में दुकानदारों और आम जनता को लेन-देन करते समय अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। अगर आपको किसी नोट पर संदेह हो, तो उसे तुरंत बैंक में जमा करें या स्थानीय पुलिस को सूचित करें। असली और नकली नोट में फर्क करने के लिए आरबीआई द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों (जैसे वाटरमार्क, धागा और पेपर की गुणवत्ता) पर ध्यान दें।
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गुवाहाटी को नकली नोटों का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। आने वाले दिनों में रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर निगरानी और अधिक कड़ी की जाएगी, ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।







