जयपुर,अंग भारत। राजस्थान में लंबे समय से झुलसा देने वाली गर्मी और उमस के बीच मानसून अब अपनी दहलीज पर खड़ा है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मानसून की हवाएं मध्य प्रदेश की सीमा तक पहुंच चुकी हैं और अगले 24 घंटों के भीतर यह आधिकारिक रूप से राजस्थान में प्रवेश कर जाएगा। कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कई हिस्सों में बादल बरसने भी लगे हैं, जिससे लोगों को भीषण लू से राहत मिली है। गुरुवार के लिए राज्य के 25 जिलों में आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जो इस बात का संकेत है कि अगले कुछ दिन राज्य के मौसम में काफी हलचल रहने वाली है।
मानसून की तेज रफ्तार
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही मानसूनी हवाओं ने इस बार सिस्टम को काफी ताकत दी है। इसी वजह से मानसून उम्मीद से अधिक तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। जैसे ही यह राजस्थान की सरहद पार करेगा, दक्षिण-पूर्वी जिलों में बारिश का दायरा बढ़ जाएगा। यह केवल एक सामान्य बारिश नहीं, बल्कि सक्रिय मानसूनी सिस्टम है जो राज्य के जल संकट को कम करने में काफी मददगार साबित होगा।
25 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले 24 से 48 घंटों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। राजस्थान के बड़े हिस्से के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें निम्नलिखित स्थितियां बनने की संभावना है:
- तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी।
- अचानक मौसम बदलने के कारण वज्रपात (बिजली गिरने) का खतरा।
- कच्चे घरों और कमजोर ढांचे वाले इलाकों में सुरक्षा की आवश्यकता।
- किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह।
प्री-मानसून की दस्तक
मानसून के मुख्य प्रवेश से पहले ही राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। राजधानी जयपुर में बुधवार दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश ने न केवल सड़कों को तर-बतर कर दिया, बल्कि तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई। कोटा और भरतपुर में भी रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन सामान्य होने लगा है। हालांकि, जहां एक तरफ लोग राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं कुछ शहरों में अचानक हुई बारिश से जलभराव की समस्याएं भी सामने आई हैं। करौली जैसे इलाकों में तो बारिश के कारण यातायात भी कुछ देर के लिए प्रभावित हुआ था।
तापमान का बड़ा अंतर
राजस्थान का भूगोल इतना विविधतापूर्ण है कि एक ही समय में मौसम के दो अलग चेहरे देखने को मिल रहे हैं। बुधवार को पश्चिमी राजस्थान अभी भी लू की चपेट में था। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति स्पष्ट हो जाती है:
| शहर | मौसम की स्थिति |
|---|---|
| श्रीगंगानगर | 44.2°C (तीव्र गर्मी) |
| जयपुर | बारिश के बाद सुहावना |
| कोटा | 3 डिग्री तापमान में गिरावट |
| जोधपुर/उदयपुर | उमस और गर्मी का असर बरकरार |
जुलाई का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार, जुलाई का पहला और दूसरा सप्ताह राजस्थान के लिए काफी सक्रिय रहने वाला है। राज्य में इस वर्ष सामान्य से अधिक बारिश होने की उम्मीद जताई गई है, जो खरीफ की फसलों के लिए वरदान साबित होगी। हालांकि, जानकारों का यह भी कहना है कि महीने के अंतिम दिनों में मानसून थोड़ा सुस्त पड़ सकता है। ऐसे में जल संरक्षण की दिशा में भी काम करना जरूरी होगा।
आम नागरिकों के लिए सलाह
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह है कि जब भी आंधी और बारिश का अलर्ट हो, तो खुले मैदानों या पुराने पेड़ों के नीचे आश्रय न लें। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में किसानों को अपनी फसल और मवेशियों का ध्यान रखने को कहा गया है। पश्चिमी राजस्थान के जिलों, जैसे बीकानेर और जैसलमेर में अभी भी गर्मी का प्रकोप है, वहां लोगों को लू से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने और सीधी धूप से बचने की हिदायत दी गई है। अगले कुछ दिन राजस्थान के मौसम के मिजाज को समझने के लिहाज से बेहद अहम होंगे।







