गुवाहाटी,अंग भारत। असम सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद अशोक सिंघल ने बुधवार को विधिवत रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने दिसपुर स्थित जनता भवन के ई-ब्लॉक में स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में पूजा-अर्चना कर पदभार ग्रहण किया। इस दौरान कार्यालय परिसर में औपचारिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
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पूजा-अर्चना के साथ संभाला कार्यभार
मंत्री अशोक सिंघल ने पदभार ग्रहण करने से पहले पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला और अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति रही।
असम की सांस्कृतिक पहचान का किया उल्लेख
कार्यभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री अशोक सिंघल ने असम की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि असम महान संत श्रीमंत शंकरदेव की पवित्र भूमि है और मां कामाख्या की धरती है, जो राज्य की आध्यात्मिक विरासत को दर्शाती है।
‘जिहाद’ पर दिया सख्त बयान
मंत्री सिंघल ने कहा कि असम की धरती पर किसी भी प्रकार के ‘जिहाद’ के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को स्वीकार नहीं किया जाएगा और इसके विकल्प के रूप में सनातन मूल्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ऐसी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाएगी और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
सरकारी कार्यों को गति देने का संकल्प
मंत्री ने संकेत दिया कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है और इसके लिए विभागीय स्तर पर तेजी से काम किया जाएगा।अशोक सिंघल के कार्यभार संभालने के साथ ही असम सरकार के स्वास्थ्य विभाग में नई कार्ययोजना और प्राथमिकताओं पर काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।










