सुपौल,अंग भारत। बिहार में बाढ़ अवधि शुरू होने के साथ ही कोसी नदी के जलप्रवाह में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बाढ़ अवधि के चौथे दिन बुधवार को वीरपुर स्थित कोसी बराज पर नदी का डिस्चार्ज 26,600 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नदी का जलप्रवाह लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन और विभागीय टीमें पूरी तरह सतर्क हैं।
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बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए तीन फाटक खोले गए
जल संसाधन विभाग ने बताया कि कोसी नदी में बढ़ते पानी के दबाव को नियंत्रित करने और जल निकासी को सुचारू बनाए रखने के लिए वीरपुर बराज के तीन फाटक खुले रखे गए हैं। विभागीय अधिकारी लगातार बराज और तटबंधों की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में नदी का प्रवाह सामान्य नियंत्रण में है, लेकिन मानसून के शुरुआती दौर को देखते हुए हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
नेपाल में बारिश बनी निगरानी का मुख्य कारण
कोसी नदी का जलस्तर काफी हद तक नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली वर्षा पर निर्भर करता है। विभाग के मुताबिक नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। यदि वहां वर्षा की मात्रा बढ़ती है तो आने वाले दिनों में कोसी नदी के जलप्रवाह में और वृद्धि हो सकती है।इसी वजह से जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
खतरे के निशान से नीचे, फिर भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
हालांकि वर्तमान में कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन बाढ़ अवधि की शुरुआत के कारण प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। तटबंधों, बराज क्षेत्र और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नदी किनारे रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने कोसी नदी के किनारे बसे लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन तथा जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की सलाह भी दी गई है।विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के सक्रिय होने और नेपाल में बारिश बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में कोसी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, इसलिए लगातार निगरानी बेहद जरूरी है।











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