कोलकाता,अंग भारत। पश्चिम बंगाल में साल 2026 के विधानसभा चुनाव के बिगुल के साथ ही राजनीतिक पारा चढ़ चुका है। कटवा में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार को भ्रष्टाचार और भय के शासन का पर्याय करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल की जनता अब बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। अपने संबोधन में मोदी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), अवैध घुसपैठ की समस्या, समान नागरिक संहिता (UCC) और राज्य में सुशासन की बहाली जैसे मुद्दों को अपने एजेंडे के केंद्र में रखा, जो सीधे तौर पर राज्य की भविष्य की दिशा तय करने वाले हैं।
CAA और नागरिकता का वादा
प्रधानमंत्री ने मतुआ और नामशूद्र समुदायों के लिए भाजपा की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विश्वास दिलाया कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही नागरिकता देने की प्रक्रिया को युद्धस्तर पर तेज किया जाएगा। पिछले कई वर्षों से नागरिकता की राह देख रहे शरणार्थी परिवारों के लिए यह एक बड़ी घोषणा मानी जा रही है। उन्होंने कहा:
- नागरिकता प्रक्रिया का सरलीकरण होगा।
- पात्र शरणार्थी परिवारों को उनके संवैधानिक अधिकार मिलेंगे।
- कानूनी बाधाओं को हटाकर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा।
घुसपैठ और राज्य सुरक्षा
अवैध घुसपैठ का मुद्दा बंगाल की सियासत में हमेशा से संवेदनशील रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे राज्य की जनसांख्यिकी और सुरक्षा से जोड़ते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ संकेत दिए कि आने वाली भाजपा सरकार अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कानून लागू करेगी। उनका तर्क है कि घुसपैठ न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों और रोजगार के अवसरों पर भी दबाव डालता है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तृणमूल शासन पर सवाल
ममता बनर्जी की सरकार पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल को ‘डर का शासन’ कहा। जनसभा में उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का प्रशासनिक तंत्र राजनीतिक हिंसा और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। मोदी ने कहा कि बंगाल जैसा समृद्ध राज्य आज कुप्रबंधन का शिकार है, और इसे पटरी पर लाने के लिए पारदर्शी शासन की आवश्यकता है।
भ्रष्टाचार पर श्वेतपत्र
राज्य में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने एक बड़ा वादा किया। उन्होंने ऐलान किया कि सत्ता में आने के बाद सरकार राज्य के सभी बड़े घोटालों पर एक ‘श्वेतपत्र’ जारी करेगी। इसका मकसद जनता के सामने यह स्पष्ट करना है कि पिछले वर्षों में सरकारी धन का दुरुपयोग कैसे हुआ और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
महिला सुरक्षा और विकास
महिला मतदाताओं को साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा का जनाधार महिलाओं के सशक्तिकरण पर टिका है। उनकी सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में पश्चिम बंगाल में ‘आयुष्मान भारत योजना’ को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। इसके अतिरिक्त:
- मौजूदा कल्याणकारी योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा।
- सभी योजनाओं के वितरण में बिचौलियों को खत्म किया जाएगा।
- पारदर्शिता के जरिए योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचाया जाएगा।
चुनाव का आगामी गणित
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम तय हो चुका है। राज्य में दो चरणों में—23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा और 4 मई को परिणाम सामने आएंगे। यह चुनाव न केवल राज्य की राजनीति, बल्कि आने वाले वर्षों में बंगाल की विकास गाथा को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। जनता के पास अब यह तय करने का मौका है कि वे पुरानी व्यवस्था के साथ बने रहना चाहती है या एक नए और जवाबदेह शासन को चुनना पसंद करेगी।








