रजौन/बांका/अंग भारत। बिहार के बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र स्थित भोजलचक गांव में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला जाह्नवी देवी की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। शनिवार को उनका शव अपने ही घर के बरामदे में मिला, जिसे बहुत ही क्रूरता से मौत के घाट उतारा गया था। घर में अकेली रहने वाली इस वृद्ध महिला की हत्या का खुलासा तब हुआ जब वह पड़ोसियों के घर चाय पीने नहीं पहुंचीं। पुलिस के अनुसार, हत्यारों ने पहले उन्हें बंधक बनाया और फिर सिर पर भारी ईंट से प्रहार कर उनकी जान ले ली। इस घटना ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था और बुजुर्गों की अकेले रहने की विवशता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्रूरता की हदें
घटनास्थल का मंजर दिल दहला देने वाला था। जब पड़ोसियों ने घर के अंदर कदम रखा, तो उन्हें जाह्नवी देवी का शव बरामदे पर पड़ा मिला। हत्या की बर्बरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके हाथ रस्सी से बंधे हुए थे और गले में फंदा लगा था। सिर पर ईंट के कई गहरे जख्म थे, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि अपराधियों ने उन्हें पूरी तरह से असहाय बनाकर मार डाला। इस घटना की खबर जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते गांव के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
पुलिस की तफ्तीश
सूचना मिलते ही बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा, रजौन प्रभारी थानाध्यक्ष शुभम कुमार और सब-इंस्पेक्टर मुकेश कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाया।
- फोरेंसिक टीम ने घर के कोने-कोने से साक्ष्य जुटाए हैं।
- डॉग स्क्वायड ने संभावित हत्यारों के भागने के रास्तों को ट्रेस करने की कोशिश की।
- शव को पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेजा गया है।
- पुलिस फिलहाल किसी भी एंगल को नजरअंदाज नहीं कर रही है।
संभावित कारण
ग्रामीणों के बीच इस हत्याकांड को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक वृद्ध महिला की किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है। लोग इन बिंदुओं पर बात कर रहे हैं:
पशु चोरी का कनेक्शन: करीब 10-15 दिन पहले ही जाह्नवी देवी का एक बकरी का बच्चा (पाठा) चोरी हो गया था। आशंका है कि बुजुर्ग महिला ने चोरों को देख लिया होगा, जिसके बाद अपराधियों ने सबूत मिटाने या डर के कारण उनकी हत्या कर दी।
नशे का प्रभाव: गांव के कुछ लोगों का मानना है कि इलाके में सक्रिय नशाखोर गिरोह इसमें शामिल हो सकते हैं। अक्सर नशे की हालत में अपराधी चोरी या लूट के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
परिवार की स्थिति
जाह्नवी देवी अपने घर में अकेले रहने को मजबूर थीं। उनके दोनों बेटे रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं—कुंदन झा बेंगलुरु में और मनोज झा दिल्ली में। जैसे ही उन्हें अपनी मां की मौत की खबर मिली, दोनों सदमे में आ गए और तुरंत गांव के लिए निकल पड़े। फिलहाल उनके दामाद राजेंद्र झा मौके पर मौजूद हैं और कानूनी प्रक्रिया में पुलिस की मदद कर रहे हैं। इस घटना ने बाहर रहकर नौकरी करने वाले उन तमाम लोगों के मन में अपने वृद्ध माता-पिता की सुरक्षा को लेकर एक गहरा डर पैदा कर दिया है।
जल्द होगा खुलासा
एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया है कि पुलिस इसे चुनौती के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम का इंतजार किया जा रहा है, जो जांच की दिशा तय करेंगे। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोषियों की पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। गांव में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और स्थानीय लोगों से किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के दिखने पर सूचना देने की अपील की गई है। अभी भी पूरे भोजलचक गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई यही पूछ रहा है कि आखिर एक बुजुर्ग महिला को इतनी बेरहमी से मारने की जरूरत क्यों पड़ी?







