काठमांडू,अंग भारत। नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ और उसके बाद पैदा हुए हालात में अब तक 1,365 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,077 लोग अभी भी लापता हैं। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और गांवों से विस्थापित हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक 3,030 विस्थापित लोग अलग-अलग जिलों में बनाए गए अस्थायी होल्डिंग सेंटरों में रह रहे हैं।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव का काम लगातार जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश करने, शवों को बरामद करने और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की है। इसके लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और बचाव दलों को अलग-अलग इलाकों में तैनात किया गया है।
चितवन में सबसे अधिक शव बरामद
अधिकारियों के अनुसार बाढ़ से सबसे अधिक मौतें चितवन जिले में हुई हैं। यहां अब तक 363 शव बरामद किए गए हैं। इसके बाद पूर्वी नवलपरासी में 226, पश्चिमी नवलपरासी में 222 और नुवाकोट में 197 शव मिले हैं।रसुवा में 174, गोरखा में 75, धादिङ में 70 और तनहुँ में 38 शव बरामद किए गए हैं। इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाढ़ ने नेपाल के कई जिलों में व्यापक स्तर पर तबाही मचाई है।अधिकारियों का कहना है कि कई इलाकों में अब भी राहत और खोज अभियान चलाया जा रहा है। दुर्गम इलाकों में पहुंचने में आ रही कठिनाइयों के कारण बचाव टीमों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
1,147 शवों को दफनाया गया
बाढ़ के बाद बरामद किए गए शवों की पहचान और अंतिम संस्कार प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। अधिकारियों ने अब तक 1,147 शवों को दफनाया है। शवों को दफनाने से पहले डीएनए नमूने लिए गए और जरूरी पहचान प्रक्रिया पूरी की गई।अज्ञात शवों की पहचान के लिए फॉरेंसिक टीमों की मदद ली जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन परिवारों के लोग लापता हैं, उन्हें आगे चलकर अपने परिजनों के बारे में जानकारी मिल सके।
2,698 डीएनए नमूने जुटाए गए
पीड़ितों की पहचान के लिए फॉरेंसिक टीमों ने अब तक 2,698 डीएनए नमूने एकत्र किए हैं। इनमें 1,286 नमूने पीड़ितों के हैं, जबकि 1,412 नमूने उनके परिजनों से लिए गए हैं।डीएनए नमूनों के मिलान के जरिए अज्ञात शवों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इस प्रक्रिया में समय लग सकता है, लेकिन परिवारों को उनके लापता परिजनों के बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए वैज्ञानिक तरीके से पहचान की प्रक्रिया जारी है।
1,310 अज्ञात शवों का विवरण जारी
नेपाल पुलिस ने अब तक 1,310 अज्ञात शवों का विवरण अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सार्वजनिक किया है। इसका मकसद लापता लोगों के परिजनों को अपने परिवार के सदस्यों की पहचान करने में मदद करना है।अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे उपलब्ध जानकारी के आधार पर अपने लापता परिजनों से संबंधित विवरणों की जांच करें। पहचान प्रक्रिया में परिजनों से लिए गए डीएनए नमूनों की भी अहम भूमिका रहेगी।
करीब आठ हजार पुलिसकर्मी अभियान में जुटे
बाढ़ प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान के लिए कुल 7,975 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी राहत सामग्री पहुंचाने के साथ शवों की बरामदगी और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।कई स्थानों पर बाढ़ का पानी कम होने के बाद राहत और खोज अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उनकी जरूरतों का भी आकलन किया जा रहा है।
हजारों लोग अब भी राहत शिविरों में
बाढ़ के कारण घर और गांव छोड़ने वाले 3,030 लोग विभिन्न जिलों में बनाए गए अस्थायी होल्डिंग सेंटरों में रह रहे हैं। इन लोगों के लिए भोजन, रहने और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।वहीं, 4,077 लोगों के अब भी लापता होने से उनके परिवारों की चिंता बनी हुई है। राहत और बचाव एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों का पता लगाने के साथ मृतकों की पहचान पूरी करना और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता पहुंचाना है।







