रजौन/बांका/अंग भारत। रजौन थाना मार्ग स्थित राजवनेश्वरनाथ महादेव मंदिर सह वेद माता गायत्री मंदिर के समीप ऐतिहासिक शूजा शिकार तालाब के तट पर बुधवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से सामूहिक तर्पण और पिंडदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आश्विन मास कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि के अवसर पर आयोजित इस अनुष्ठान में गायत्री परिवार के सदस्यों ने वैदिक परंपरा के अनुसार अपने पूर्वजों की आत्म-शांति और तृप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक जलांजलि दी। कार्यक्रम में डॉ. प्रताप नारायण सिंह, सच्चिदानंद मंडल, अवधेश कुमार साह और रामाकांत साह ने गायत्री पूजन पद्धति से विधिवत सामूहिक तर्पण व पिंडदान संपन्न किया। पूरे अनुष्ठान को वैदिक रीति से संपन्न कराने में कुवेश प्रसाद सहयोगी ने मुख्य पुरोहित का दायित्व निभाया, जबकि कौशल किशोर ने व्यवस्था और पूजन सामग्री से जुड़े कार्यों में सक्रिय सहयोग दिया। इस अवसर पर डॉ. प्रताप नारायण सिंह ने तर्पण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पितृ पक्ष में पितरों का स्मरण करने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण बनता है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जल, तिल और जौ अर्पित कर पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की जाती है। गायत्री पूजन विधि से किया गया यह अनुष्ठान न केवल पितरों को तृप्त करता है, बल्कि साधक और उसके परिवार को पूर्वजों की असीम कृपा और आशीर्वाद का भागीदार भी बनाता है।







