चंडीगढ़,अंग भारत। पंजाब में किसानों द्वारा प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा समाधान के लिए तीन दिन का समय मांगे जाने के बाद किसान संगठनों ने यह निर्णय लिया। यह फैसला विभिन्न किसान संगठनों की एक वर्चुअल बैठक के बाद सर्वसम्मति से लिया गया।
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सरकार को दिया तीन दिन का समय
किसान नेता श्रवन सिंह पंढेर ने जानकारी दी कि पहले यह आंदोलन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चलाने की योजना थी, जिसके तहत पूरे राज्य में रेल सेवाओं को रोकने की तैयारी की गई थी। लेकिन राज्य सरकार की प्रस्तावित कैबिनेट बैठक को देखते हुए संगठनों ने फिलहाल आंदोलन टालने का निर्णय लिया है, ताकि सरकार को समाधान का मौका मिल सके।
मंडियों में किसानों की बढ़ी परेशानी
किसान नेताओं का कहना है कि पिछले 10 से 15 दिनों से राज्य की मंडियों में किसानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं की खरीद और लिफ्टिंग में देरी के कारण किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में ही रुके हुए हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक दबाव भी झेलना पड़ रहा है।इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार से गेहूं खरीद के नियमों में राहत दिलवाना था, ताकि किसानों को तत्काल राहत मिल सके।
सरकार पर देरी का आरोप
किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर पंजाब सरकार ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों ने पहले ही केंद्र सरकार को पत्र लिखकर किसानों की समस्याओं को उठाया था, जबकि पंजाब सरकार ने देर से पहल की।किसानों के अनुसार, राज्य सरकार की नीतिगत देरी के कारण ही स्थिति बिगड़ी है। हालांकि अब केंद्र सरकार द्वारा नियमों में कुछ ढील दिए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में हालात सुधरने की उम्मीद है।
लुधियाना में होगी अगली रणनीति
किसान संगठनों ने बताया कि शनिवार को लुधियाना में संयुक्त किसान मोर्चा की एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज करने पर विचार किया जाएगा।
जनता को असुविधा से बचाने का फैसला
किसान नेताओं ने कहा कि सरकार और कुछ मीडिया माध्यमों द्वारा यह प्रचार किया जा रहा था कि रेल रोको आंदोलन से आम जनता को परेशानी होगी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए फिलहाल आंदोलन स्थगित किया गया है।हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर तीन दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसान फिर से बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे।
किसानों को सतर्क रहने की अपील
किसान संगठनों ने राज्य के किसानों और मजदूरों से सतर्क रहने की अपील की है। जहां भी मंडियों में खरीद से जुड़ी समस्या सामने आए, वहां स्थानीय स्तर पर एकजुट होकर कार्रवाई करने की बात कही गई है।









