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जमालपुर रूट पर रेलवे की नई सौगात, 7 अप्रैल से सेवा शुरू

भागलपुर, अंग भारत। सहरसा और जमालपुर के बीच सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों के लिए रेलवे ने 7 अप्रैल 2026 से एक नई और नियमित मेमू पैसेंजर सेवा शुरू करने का ऐलान किया है, जो पुराने स्पेशल ट्रेन रूट की जगह लेगी। रेलवे की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, 63398/63397 मेमू ट्रेन का संचालन तय समय-सारणी के आधार पर होगा, जिससे इस व्यस्त रूट पर आवागमन अधिक सरल और भरोसेमंद हो जाएगा। यह पहल न केवल यात्रियों के समय की बचत करेगी, बल्कि क्षेत्र के व्यापार और परिवहन व्यवस्था में भी एक बड़ा बदलाव लाएगी।

ट्रेन का समय और रूट

नई मेमू सेवा की समय-सारणी को यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सुबह की पहली ट्रेन सहरसा से 05:15 बजे प्रस्थान करेगी। अपनी यात्रा के दौरान यह ट्रेन कई महत्वपूर्ण स्टेशनों और हॉल्ट्स पर रुकेगी, जिनमें परमिनिया हॉल्ट, सोनबरसा कचहरी, बाबा रघुनी हॉल्ट, सिमरी बख्तियारपुर, कोपरिया, फंगो, धमारा घाट और बदला घाट शामिल हैं।

मानसी और खगड़िया जंक्शन से गुजरते हुए, यह ट्रेन सबदलपुर और मुंगेर होते हुए ठीक 08:05 बजे जमालपुर पहुंचेगी। सुबह के समय यह सेवा नौकरीपेशा और कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि वे समय पर अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे।

वापसी का सफर

जमालपुर से वापसी के लिए रेलवे ने देर रात की सुविधा दी है। ट्रेन संख्या 63397 जमालपुर से रात 21:45 बजे खुलेगी। यह वापसी की यात्रा मुंगेर, सबदलपुर, उमेश नगर, खगड़िया और मानसी जंक्शन के रास्ते पूरी की जाएगी। रात में सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह एक सुरक्षित और सुलभ विकल्प है। यह ट्रेन देर रात 01:00 बजे सहरसा वापस पहुँच जाएगी, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को भी अपना सफर पूरा करने में सहूलियत मिलेगी।

पुरानी सेवा पर निर्णय

रेल प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि नई मेमू पैसेंजर सेवा की शुरुआत के साथ ही वर्तमान में संचालित 05509/05510 सहरसा–जमालपुर मेमू स्पेशल ट्रेन को बंद कर दिया जाएगा। 7 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने वाले इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य संसाधनों का सही उपयोग करना और यात्रियों को एक अधिक व्यवस्थित सेवा प्रदान करना है।

यात्रियों को होने वाले लाभ

स्थानीय स्तर पर इस बदलाव का स्वागत किया जा रहा है। इस ट्रेन सेवा के नियमित होने से यात्रियों को क्या प्रमुख लाभ मिलेंगे, आइए उन पर नज़र डालते हैं:

  • समय की बचत: नियमित संचालन होने से ट्रेन के समय में अचानक बदलाव की संभावना कम होगी।
  • बेहतर कनेक्टिविटी: सहरसा और जमालपुर जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों के जुड़ने से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
  • दैनिक यात्रियों को सुविधा: रोजाना ड्यूटी पर जाने वाले और छात्रों के लिए यह सबसे किफायती परिवहन साधन साबित होगा।
  • सुरक्षा और आराम: मेमू रैक होने के कारण यात्रा का अनुभव पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक होगा।

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

इस रूट पर कनेक्टिविटी बढ़ने का सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। खगड़िया और मुंगेर जैसे जंक्शनों के माध्यम से जब रेल संपर्क मजबूत होता है, तो स्थानीय बाजारों में उत्पादों की आवाजाही आसान हो जाती है। यह न केवल आम आदमी की यात्रा को सुगम बनाता है, बल्कि छोटे शहरों के विकास को भी गति प्रदान करता है। लंबे समय से स्थानीय लोग इस रूट पर नियमित और समयबद्ध ट्रेन की मांग कर रहे थे, जिसे रेलवे ने अब अमलीजामा पहनाया है।

रेलवे की यह नई सौगात निश्चित रूप से बिहार के इस क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक कदम है। 7 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली यह सेवा यात्रियों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है, यह देखना दिलचस्प होगा। यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या एनटीईएस (NTES) ऐप पर लेटेस्ट स्टेटस जरूर चेक कर लें ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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