पटना,अंग भारत। बिहार के नालंदा जिले स्थित शीतला माता मंदिर में हुई दर्दनाक भगदड़ ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में अब तक 9 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद प्रशासन ने जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है और मामले की गहन छानबीन शुरू हो चुकी है।नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के अनुसार, अत्यधिक गर्मी और अचानक बढ़ी भीड़ इस हादसे की मुख्य वजह रही। उन्होंने बताया कि मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। खासकर महिलाएं ठंडे पानी में स्नान के बाद जब मंदिर परिसर में प्रवेश कर रही थीं, उसी दौरान दम घुटने और पानी की कमी के कारण कई लोग बेहोश होकर गिरने लगे। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और भीड़ बेकाबू हो गई।
भीड़ के दबाव में गई जान, एक ने अस्पताल में तोड़ा दम
एसपी ने बताया कि ज्यादातर लोगों की मौत भीड़ में दबने से हुई है, जबकि एक व्यक्ति ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर परिसर में पहले से कुछ सुरक्षाकर्मी मौजूद थे, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की पूर्व सूचना प्रशासन को नहीं थी।
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SIT और FSL टीम जांच में जुटी, CCTV खंगाले जा रहे
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया है। साथ ही एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। प्रशासन सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहा है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घायलों का इलाज जारी, परिजनों को मुआवजा
जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये मुआवजा दिया गया है।
प्रशासनिक लापरवाही के आरोप, SHO निलंबित
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मंदिर परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिसकर्मी तैनात नहीं किए गए थे। मेले की पूर्व जानकारी होने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस इंतजाम नहीं किया। इस मामले में दीपनगर थाना प्रभारी राजमणि को निलंबित कर दिया गया है।
केंद्र-राज्य सरकार की सहायता और नेताओं की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आपदा प्रबंधन और मुख्यमंत्री राहत कोष से कुल 6 लाख रुपये देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे बेहद दुखद बताया।उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री विजय चौधरी सहित कई नेताओं ने भी हादसे पर दुख जताया है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने प्रशासनिक कुव्यवस्था को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।फिलहाल यह हादसा प्रशासनिक तैयारियों और भीड़ प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पूरे राज्य में शोक का माहौल है और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।









