नई दिल्ली,अंग भारत। भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को बड़ी सफलता मिली है। लंबी दूरी तक निगरानी और सटीक हमले में सक्षम ‘दिव्यास्त्र मार्क-1’ ड्रोन का सफल परीक्षण पूरा कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित डिफेंस स्टार्टअप होवरइट द्वारा विकसित इस ड्रोन ने राजस्थान के जोधपुर में 50 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान और तेज हवाओं जैसी कठिन परिस्थितियों में भी शानदार प्रदर्शन किया।
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रेगिस्तान में सफल रहा परीक्षण
कंपनी के अनुसार, दिव्यास्त्र मार्क-1 का परीक्षण वाहन पर लगे मोबाइल लॉन्चर से किया गया। इस दौरान कई सफल लॉन्च, लाइव इंटेलिजेंस, सर्विलांस एंड रिकॉनिसेंस (आईएसआर) मिशन और टर्मिनल अटैक प्रोफाइल का प्रदर्शन किया गया। परीक्षण ने साबित किया कि यह प्लेटफॉर्म कठिन युद्धक्षेत्र परिस्थितियों में भी तेजी से तैनात होकर प्रभावी ढंग से कार्य कर सकता है।
लंबी दूरी और दमदार क्षमता
दिव्यास्त्र मार्क-1 एक स्वदेशी टैक्टिकल यूएवी (मानवरहित विमान) है, जिसे खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी, टोही और सटीक हमलों के लिए तैयार किया गया है। इसकी ऑपरेशनल रेंज 500 किलोमीटर तक है और यह लगातार 5 घंटे तक उड़ान भर सकता है। ड्रोन को मिशन की जरूरत के अनुसार विभिन्न पेलोड, संचार रिले सिस्टम और वॉरहेड कॉन्फिगरेशन के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।
AI और स्वार्म तकनीक से लैस
दिव्यास्त्र मार्क-1 की सबसे बड़ी खासियत इसकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्वार्म तकनीक है। इसके जरिए कई ड्रोन एक साथ मिलकर दुश्मन के ठिकानों पर स्वायत्त और सटीक हमला कर सकते हैं। यह तकनीक आधुनिक युद्ध में बेहद प्रभावी मानी जाती है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को मजबूती
विशेषज्ञों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने लंबी दूरी के हमलावर ड्रोन विकसित करने की दिशा में प्रयास तेज किए हैं। इसी कड़ी में दिव्यास्त्र मार्क-1 का सफल परीक्षण एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पूरी तरह भारत में डिजाइन और विकसित किया गया यह ड्रोन देश की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने के साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी नई मजबूती देगा।
भविष्य की युद्ध रणनीति में अहम भूमिका
15 किलोग्राम तक वॉरहेड ले जाने में सक्षम यह ड्रोन लंबे समय तक लक्ष्य पर नजर रखने, दुश्मन की गतिविधियों की जानकारी जुटाने और जरूरत पड़ने पर सटीक हमला करने की क्षमता रखता है। रक्षा विशेषज्ञ इसे भारतीय सेना के लिए भविष्य का गेम-चेंजर मान रहे हैं।










