सुपौल,अंग भारत। नेपाल के झापा जिले के काकरभिट्टा इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक भारतीय नागरिक को भारी मात्रा में सोना और विदेशी मुद्रा के साथ गिरफ्तार किया है। नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है|नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह कार्रवाई मेचिनगर क्षेत्र में की गई, जहां सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर नेपाल एपीएफ की टीम ने छापेमारी करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया।
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570 ग्राम सोना और विदेशी मुद्रा बरामद
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 39 वर्षीय परम पाठक के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि नेपाल एपीएफ के डीएस शैलेंद्र थापा के नेतृत्व में यह पूरी कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से लगभग 570 ग्राम सोना बरामद किया गया।इसके अलावा जांच टीम ने आरोपी के कब्जे से 20 हजार अमेरिकी डॉलर और 85 हजार 410 भारतीय रुपये भी जब्त किए हैं। विदेशी मुद्रा की इतनी बड़ी बरामदगी के बाद मामले को गंभीर आर्थिक अपराध के रूप में भी देखा जा रहा है।
कई संदिग्ध सामान भी मिले
सुरक्षा एजेंसियों को आरोपी के पास से कई अन्य महत्वपूर्ण सामान भी मिले हैं। इनमें एक भारतीय आधार कार्ड, अलग-अलग कंपनियों के दो मोबाइल फोन, एक हार्ड डिस्क, बैंक की चेकबुक और सात सिम कार्ड शामिल हैं।जांच अधिकारियों का मानना है कि बरामद डिजिटल उपकरण और सिम कार्ड किसी बड़े नेटवर्क या संगठित तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल इन सभी वस्तुओं को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
सीमा पार नेटवर्क की जांच शुरू
नेपाल पुलिस और एपीएफ अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि बरामद सोना और विदेशी मुद्रा कहां से लाई गई थी और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था।सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं यह मामला अंतरराष्ट्रीय तस्करी, हवाला कारोबार या सीमा पार आर्थिक अपराध से तो जुड़ा नहीं है। इसके लिए आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी चौकसी
घटना के बाद भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। सीमा पर जांच अभियान तेज कर दिया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा पार अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए संयुक्त निगरानी लगातार जारी रहेगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।नेपाल और भारत के बीच खुली सीमा होने के कारण अक्सर तस्करी और अवैध लेनदेन के मामलों की आशंका बनी रहती है। ऐसे में इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।











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