कोलकाता,अंग भारत। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 650 करोड़ रुपये के कथित कोयला चोरी और वसूली घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों के खिलाफ कोलकाता की विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। एजेंसी ने रविवार को जारी बयान में इसकी पुष्टि की।यह आरोपपत्र धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दायर किया गया है, जिसमें चिन्मय मंडल, किरण खान और उनके सहयोगियों के नाम शामिल हैं। ईडी के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के बाद की गई है।
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अवैध खनन, परिवहन और वसूली का संगठित रैकेट
जांच एजेंसी के अनुसार, यह पूरा मामला अवैध कोयला खनन, चोरी, परिवहन, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और जबरन वसूली से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस रैकेट को सुचारु रूप से चलाने के लिए राज्य के कुछ अधिकारियों और स्थानीय राजनीतिक तत्वों को रिश्वत दी जाती थी।ईडी ने इस मामले की जांच 54 प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी, जो पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र के विभिन्न थानों में दर्ज थीं। ये मामले ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज कराए गए थे।
सिंडिकेट के जरिए करोड़ों की अवैध वसूली
जांच में खुलासा हुआ कि चिन्मय मंडल और किरण खान एक सक्रिय कोयला सिंडिकेट के सदस्य थे, जो दुर्गापुर-आसनसोल और आसपास के इलाकों में काम कर रहा था। यह सिंडिकेट न केवल अवैध कोयला कारोबार करता था, बल्कि वैध कारोबारियों से भी जबरन वसूली करता था।इस वसूली को ‘जीटी’, ‘गुंडा टैक्स’ या ‘रंगदारी टैक्स’ जैसे नाम दिए जाते थे, जिसे कागजों में लिफ्टिंग चार्ज, हैंडलिंग फीस या दान के रूप में दिखाया जाता था। वसूली की दर 275 रुपये प्रति टन से लेकर 1500 रुपये प्रति टन तक थी, जो कोयले की वास्तविक कीमत का 20 से 25 प्रतिशत तक पहुंचती थी।
ईसीएल को हुआ भारी आर्थिक नुकसान
ईडी के अनुसार, इस अवैध वसूली के कारण बड़ी मात्रा में आवंटित कोयला उठाया ही नहीं जा सका, जिससे ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। अनुमान है कि पिछले पांच वर्षों में इस अवैध गतिविधि से 650 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की गई।
छापेमारी में नकदी, दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद
जांच के दौरान ईडी ने कई स्थानों पर छापेमारी की, जहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, व्हाट्सऐप चैट, कोयला उठाव से जुड़े रिकॉर्ड और बैंक खातों की जानकारी जब्त की गई।21 नवंबर 2025 और 3 फरवरी 2026 को की गई छापेमारी में करीब 17.57 करोड़ रुपये की नकदी, बैंक जमा और अन्य संपत्तियां बरामद हुईं। इसके अलावा आरोपितों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में कोयला और कोक भी जब्त किया गया।
फर्जी कंपनियों के जरिए काले धन को किया गया सफेद
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए कई फर्जी कंपनियों और एकल स्वामित्व वाली फर्मों का सहारा ले रहे थे। बैंक खातों के विश्लेषण से पता चला है कि विभिन्न जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं के बीच बड़े पैमाने पर लेनदेन किया गया।फिलहाल, मामले की आगे की जांच जारी है और ईडी अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है।









