उज्जैन (मध्य प्रदेश),अंग भारत। मशहूर सिंगर बी प्राक ने आज सुबह उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दरबार में मत्था टेका और विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में शामिल हुए। सावन के पवित्र महीने में बाबा के दर्शन करने के बाद उन्होंने मंदिर समिति और जिला प्रशासन के बेहतरीन इंतजामों की खुलकर तारीफ की। बी प्राक ने इस खास मौके पर अपने फैंस को एक बड़ी खुशखबरी भी दी कि उनके सुपरहिट भजन ‘महाकाल’ की अपार सफलता के बाद वे जल्द ही इसका अगला वर्जन ‘महाकाल-2’ लेकर आ रहे हैं। इसके साथ ही, वे आज शाम को आयोजित होने वाले ‘शिवतत्व-श्रावण कला उत्सव’ में अपनी सुरीली आवाज से शिव भक्तों को सराबोर करेंगे।
मंदिर में विशेष स्वागत
बी प्राक अलसुबह ही महाकालेश्वर मंदिर परिसर पहुंच गए थे। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की दिव्य भस्म आरती के साक्षात दर्शन किए। भस्म आरती के दौरान पूरा माहौल शिव के जयकारों से गूंज उठा, जिसमें बी प्राक भी पूरी तरह भक्ति में डूबे नजर आए। आरती पूरी होने के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने बी प्राक का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें बाबा का प्रसाद व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। बी प्राक ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि सावन के महीने में महाकाल के दर्शन मिलना सीधे तौर पर बाबा का बुलावा और उनका आशीर्वाद है।
“सावन के इस पवित्र महीने में बाबा महाकाल के दरबार में आकर माथा टेकना मेरी जिंदगी के सबसे बड़े सौभाग्यों में से एक है। बाबा की कृपा से ही मेरे भजनों को इतना प्यार मिलता है।” – बी प्राक
महाकाल-2 का बड़ा ऐलान
बी प्राक ने अपने मशहूर भजन ‘महाकाल’ (महाकाल महाकाल है प्यारे) का जिक्र करते हुए कहा कि इस गीत को दुनिया भर के लोगों ने जो प्यार दिया है, उसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। करोड़ों व्यूज बटोरने वाले इस भजन की सफलता के पीछे वे पूरी तरह बाबा महाकाल की कृपा मानते हैं। उन्होंने बताया कि शिवजी पर आधारित उनका एक नया सिंगल ट्रैक बहुत जल्द दर्शकों के सामने होगा और वे ‘महाकाल-2’ के प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर चुके हैं। इंदौर के कार्यक्रमों के बाद पहली बार उन्हें उज्जैन की इस पवित्र धरती पर गाने का मौका मिला है, जिसके लिए उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्य सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन का दिल से आभार जताया।
शाम को सुरों की महफिल
सावन के इस खास महीने को और भी यादगार बनाने के लिए आज शाम 7 बजे से एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होने जा रहा है। महाकालेश्वर मंदिर परिसर के पास स्थित शक्तिपथ (त्रिवेणी संग्रहालय के सामने) पर ‘शिवतत्व-श्रावण कला उत्सव’ का मंच सजकर तैयार है। मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के सहयोग से होने वाली इस भजन संध्या में बी प्राक अपनी मुंबई की पूरी टीम के साथ लाइव परफॉर्म करेंगे। इस आयोजन में भक्ति और संगीत का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। उनके साथ ही निवाड़ी के मशहूर लोक कलाकार पवन तिवारी और उनका पूरा दल भी मंच पर अपनी प्रस्तुतियां देगा, जो इस शाम को बेहद खास और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाएगा।
भस्म आरती का अलौकिक रूप
बाबा महाकाल की भस्म आरती का अपना एक अलग और अद्भुत महत्व है। रविवार तड़के जब सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, तो सबसे पहले गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का पारंपरिक पूजन किया गया। इसके बाद बाबा महाकाल का ठंडे जल से अभिषेक हुआ। फिर दूध, दही, घी, शक्कर और ताजे फलों के रस से बने पंचामृत से महाकाल का दिव्य अभिषेक किया गया। इस दौरान भांग, त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू से बाबा का बेहद खूबसूरत शृंगार हुआ। हरि ओम जल अर्पित करने के बाद कपूर आरती की गई और फिर पूरे विधि-विधान के साथ बाबा को भस्म चढ़ाई गई।
बाबा का दिव्य शृंगार
भस्म आरती पूरी होने के तुरंत बाद बाबा महाकाल का शृंगार देखने लायक था। उन्हें शेषनाग का सुंदर रजत मुकुट पहनाया गया। इसके साथ ही चांदी की मुंडमाला और रुद्राक्ष की बड़ी मालाएं अर्पित की गईं। मोगरे और गुलाब के ताजे फूलों की महकती मालाओं से बाबा का पूरा दरबार महक उठा। शृंगार के बाद बाबा को विभिन्न प्रकार के फल और मिठाइयों का महाभोग लगाया गया। इस अलौकिक और भव्य नजारे को देखने के लिए देश के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालु मंदिर में मौजूद थे, जिन्होंने हाथ जोड़कर बाबा का आशीर्वाद लिया और अपनी मनोकामनाएं मांगीं।







