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फर्जी IAS अधिकारी बनकर जमाता था रौब, Tesla पर लगा रखा था ‘Govt. of India’ बोर्ड; गोगरी में गिरफ्तार

खगड़िया में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया फर्जी IAS अधिकारी मनीष कुमार गुप्ता और जब्त की गई लग्जरी टेस्ला गाड़ी जिस पर भारत सरकार का बोर्ड लगा है।

खगड़िया/ अंग भारत। बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे शातिर जालसाज को दबोचा है जो खुद को आईएएस (IAS) अधिकारी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताकर लोगों पर धौंस जमाता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जमालपुर बाजार निवासी मनीष कुमार उर्फ मनीष कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। वह अपनी लग्जरी गाड़ियों पर भारत सरकार (Govt. Of India) का बोर्ड लगाकर घूमता था और लोगों को झांसा देकर ठगी की बड़ी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था। खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह ने इस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार देर रात पुलिस ने छापेमारी कर इस बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है।

गुप्त सूचना पर छापेमारी

गोगरी पुलिस को लगातार इस बात की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि जमालपुर बाजार इलाके में एक युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है, जो खुद को केंद्र सरकार का बड़ा अफसर बताता है। एसपी भानु प्रताप सिंह के निर्देश पर गोगरी के एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर और गोगरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम और डीआईयू (DIU) की टीम का गठन किया गया। शनिवार की रात जब पुलिस बल ने मनीष कुमार उर्फ मनीष कुमार गुप्ता के ठिकाने पर अचानक दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर खुद पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। आरोपी ने अपने घर को बेहद हाई-टेक बना रखा था। पुलिस ने जब उससे पहचान पत्र मांगा तो उसने धौंस दिखाते हुए केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) का एक आईडी कार्ड थमा दिया, जिस पर उसका नाम मनीष कुमार अंकित था। उसने खुद को सीधे देश के सुरक्षा प्रमुख अजीत डोभाल का खास एजेंट बताया, लेकिन जब पुलिस ने इन दावों की कड़ाई से जांच की तो सारे कागजात फर्जी पाए गए।

बरामद सामान की सूची

पुलिस ने जब मनीष कुमार के घर की विधिवत तलाशी ली, तो वहां से कोई एक या दो नहीं, बल्कि गैर-कानूनी चीजों का पूरा जखीरा बरामद हुआ। आरोपी के पास से भारी मात्रा में विदेशी शराब, प्रतिबंधित वन्यजीवों के अवशेष, महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कई संदिग्ध वित्तीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस द्वारा जब्त की गई वस्तुओं का पूरा ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

श्रेणी (Category) बरामद किए गए सामान का विवरण
लग्जरी गाड़ियां एक टेस्ला और एक टाटा सफारी (दोनों गाड़ियों पर ‘Govt. Of India’ का फर्जी बोर्ड लगा था)
अवैध शराब 29 नामी ब्रांड की करीब 31.240 लीटर विदेशी शराब, 9.9 लीटर बीयर और 30 लीटर सोडा
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स 5 एप्पल मोबाइल फोन, 2 एप्पल लैपटॉप, 4TB की बड़ी हार्ड डिस्क
वित्तीय दस्तावेज 20 अलग-अलग क्रेडिट कार्ड, 8 डेबिट कार्ड और 4 चेकबुक
प्रतिबंधित वन्यजीव बारहसिंघा के 2 सींग और स्विमिंग पूल में अवैध रूप से पाला जा रहा एक कछुआ
जाली दस्तावेज केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) का फर्जी पहचान पत्र व अन्य जाली कागजात

रौब जमाने का तरीका

मनीष कुमार उर्फ मनीष कुमार गुप्ता का काम करने का तरीका बेहद शातिराना था। वह आम लोगों और स्थानीय प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए देश की सबसे बड़ी सुरक्षा एजेंसियों का नाम इस्तेमाल करता था। जमालपुर बाजार जैसे अर्ध-शहरी इलाके में जब कोई व्यक्ति टेस्ला या टाटा सफारी जैसी बड़ी गाड़ियों पर ‘भारत सरकार’ का बोर्ड लगाकर चलता है, तो लोग स्वाभाविक रूप से डर जाते हैं। एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि मनीष कुमार इसी रसूख का फायदा उठाकर लोगों को डराता-धमकाता था और खुद को आईएएस अधिकारी बताकर प्रशासनिक काम कराने के नाम पर अवैध वसूली की कोशिश कर रहा था। उसके पास से मिले 5 एप्पल फोन और 2 लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कितने लोगों को अपना निशाना बनाया है।

वन्यजीव और शराब का धंधा

इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी सिर्फ फर्जीवाड़ा ही नहीं कर रहा था, बल्कि वह घर में प्रतिबंधित वन्यजीवों के अंगों को भी छिपाकर रखता था। पुलिस को तलाशी के दौरान बारहसिंघा के दो कीमती सींग मिले, जिनकी तस्करी अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़े पैमाने पर होती है। इसके अलावा, उसने अपने घर में बने एक स्विमिंग पूल में अवैध रूप से एक कछुआ भी कैद कर रखा था। बिहार जैसे पूर्ण शराबबंदी वाले राज्य में उसके ठिकाने से 29 अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब और बीयर की बोतलें बरामद होना इस बात की तरफ साफ इशारा करता है कि वह अवैध रूप से शराब की सप्लाई और रसूखदारों के बीच पार्टियां आयोजित करने का धंधा भी चला रहा था।

“आरोपी खुद को केंद्रीय एजेंसियों का बड़ा अधिकारी बताकर लोगों पर रौब जमाता था। उसके घर से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और बारहसिंघा के सींग बरामद हुए हैं। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इससे जुड़े पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।”
— भानु प्रताप सिंह, एसपी, खगड़िया

गंभीर धाराओं में केस दर्ज

इस बड़े फर्जीवाड़े और गैर-कानूनी धंधे के उजागर होने के बाद पुलिस ने आरोपी मनीष कुमार के खिलाफ शिकंजा पूरी तरह कस दिया है। गोगरी थाने में उसके खिलाफ अलग-अलग अपराधों के तहत दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। पुलिस ने गोगरी थाना कांड संख्या 286/26 और 287/26 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी के ऊपर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत प्रतिबंधित जानवरों के अंगों को रखने और बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद कानून के तहत घर में भारी मात्रा में अवैध शराब का भंडारण करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

नेटवर्क खंगालने में जुटी टीम

गोगरी के एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर और गोगरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम अब मनीष कुमार के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उसके पास इतनी महंगी टेस्ला गाड़ी और भारी मात्रा में क्रेडिट व डेबिट कार्ड कहां से आए। एसपी भानु प्रताप सिंह ने साफ किया है कि इस मामले में जो भी लोग मनीष के मददगार थे या उसके इस फर्जीवाड़े में भागीदार थे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जब्त की गई 4TB की हार्ड डिस्क और लैपटॉप के डेटा को रिकवर किया जा रहा है, जिससे कई बड़े सफेदपोशों के नाम सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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